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20 सेकेंड में कर देगा यह डिवाइस मोबाइल चार्ज

 

18-year-old Eesha Khare invents a revolutionary device that can charge a phone in 20 seconds

18-year-old Eesha Khare invents a revolutionary device that can charge a phone in 20 seconds

ईशा खरे है इनका नाम. उम्र सिर्फ 18 साल और बारहवीं में पढ़ रही हैं. लेकिन साहब कारनामे ऐसे किये हैं कि गूगल, इंटेल जैसी कंपनी भी इनका लोहा मान चुकी है. इन्होंने बनाया है ऐसा चार्जर जो आपके मोबाइल को सिर्फ 20 सेकेंड में चार्ज कर देगा.
दुनिया भर की बड़ी-बड़ी मोबाइल कंपनियां जहां बैटरी की समस्या से जूझ रही हैं, जबकि इस समस्या का समाधान खोज निकाला इस इंडियन छोरी ने. ईशा खरे ने अपने ईजाद किये छोटे से डिवाइस की बदौलत इंटेल फाउंडेशन यंग साइंटिस्ट अवार्ड जीत लिया है. इसके लिए उन्हें 50000 डॉलर (लगभग 2700000 रुपए) की इनामी राशि भी दी गई है.
ईशा खरे कैलिफोर्निया में रहने वाली भारतीय मूल की 18 वर्षीय छात्रा हैं. पिछले सप्ताह फिनिक्स में हुए इंटेल इंटरनेशनल साइंस एंड इंजीनियरिंग फेयर में इन्होंने अपने ईजाद किये डिवाइस को प्रदर्शित किया. साइज में इतना छोटा होने के बावजूद यह डिवाइस आपके मोबाइल को सिर्फ 20 सेकेंड में चार्ज कर सकता है.
ईशा का यह क्रांतिकारी डिवाइस अभी अपने इनिशियल फेज में है. इसमें एक सुपरकैपेसिटर लगा हुआ है जो लाइट इमिटेड डाइओड (LED) को चार्ज कर जलाता है. इस तकनीक को अगर सही दिशा में आगे बढ़ाया जाए तो यही भविष्य में मोबाइल चार्जर का काम कर सकता है.
नैनो केमिस्ट्री की छात्रा ईशा अपने डिवाइस को और छोटा करने पर काम कर रही हैं. इसके फ्लेक्सिबल नेचर के कारण यह डिवाइस फोल्डेबल डिस्प्ले, कपड़े, फैब्रिक जैसी चीजों में भी प्रयोग में लाया जा सकता है.

Source : bhaskar.com

Short URL: http://jayhind.co.in/?p=2210

Posted by on May 21 2013. Filed under आधी आबादी. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

3 Comments for “20 सेकेंड में कर देगा यह डिवाइस मोबाइल चार्ज”

  1. It is too early to say about this charger, because it is against the battery charging principle specially for existing batteries. The existing batteries are not made for such ultra high speed charging. Present batteries can be charged at 1/20 or 1/10 of AH capacity of battery. It is well estabilished technical fact that faster the charge rate lesser the life of battery. For example, if a mobile battery which has 1800 M.ah (or 1.8 Ah ) capacity, common for most of the mobile. If you charge such a battery at 1.8 ampere current, theoretically, the battery will take 60 minutes to charge. Importantly, if you charge the batter at this rate the battery will heat and damaged.

    So, how can a mobile battery of 1800 M.ah capacity can be charged in 20 seconds unless a special battery is designed for this purpose. One who is familier with industrial production knows how costly and time consuming is R&D to develop a new product.

  2. मैं पिछले 30 सालों से पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के छेत्र मेन काम कर रहा हूँ।
    असल में हम हिंदुस्तानियों की दिक्कत यह है कि हम अमेरिका या पश्चिमी देशों में होने वाली छोटी से छोटी बात को भी चमत्कार मान लेते है। हम उसके तकनीकी पहलुओं में जाने का प्रयास ही नहीं करते। और फिर यहाँ तो भारत की एक बेटी की बात है। हालांकि, मैं यह मानता हूँ की विज्ञान में सब कुछ संभव है , लेकिन उसके पीछे पर्याप्त तकनीकी तथ्य होने चाहिये । याद कीजिये वर्ष 2001 – 2003 में जब मोबाइल आम लोगों की पहुँच में आने शुरू हुए थे , उस वक़्त के मोबाइल और आज के मोबाइल में कितना अंतर आ चुका है , पर यहाँ तक पहुँचने में 11 से 12 साल लगे हैं वो भी तब, जब कि नोकिया, सैमसंग जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियां इस काम में लगी थीं ।

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