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ऐसे हुआ होगा आरुषि का मर्डर, सीबीआई की थ्योरी पढ़ें

arushi

नोएडा। आरुषि और घर के नौकर हेमराज का कत्ल किसने किया? परिस्थितिजन्य साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच के आधार पर सीबीआई आरुषि के मां-बाप को ही अपनी बेटी का कातिल मानती है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ऐसा नहीं है कि उसके पास आरुषि के पिता राजेश तलवार और नूपुर तलवार के खिलाफ सबूत नहीं हैं लेकिन जितने सबूत हैं वो उन्हें कातिल साबित करने के लिए काफी नहीं हैं। सीबीआई ने कोर्ट के सामने परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार कत्ल की रात की परिकल्पना पेश की है। इस परिकल्पना में सीबीआई ने बताया है कि आरुषि और हेमराज के नजदीकी रिश्ते को देखकर गुस्से में तलवार दंपति ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया होगा।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल सीबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कत्ल की सबसे खास वजह हो सकती है आरुषि और घर के नौकर हेमराज के बीच करीबी। सीबीआई के मुताबिक उस रात शायद दोनों के नजदीकी रिश्ते को राजेश तलवार ने देख लिया होगा और गुस्से में उन्होंने हेमराज और आरुषि की हत्या कर दी। सीबीआई रिपोर्ट के मुताबिक उसने केस की गहन जांच की और कत्ल किसने किया इसमें तीन संभावनाएं तलाशीं।

पहला- क्या कत्ल किसी बाहरी ने किया?

दूसरा- क्या कत्ल नौकरों ने किया?

तीसरा- क्या कत्ल मां-बाप ने किया?

सीबीआई ने किसी बाहरी के शामिल होने और नौकरों के शामिल होने की संभावना को निर्णायक रूप से नकार दिया। चोरी या जायदाद के लिए कोई विवाद का मामला भी सामने नहीं आया यानि बाहरी के शामिल होने का सवाल पैदा नहीं हो रहा था यानि घर के अंदर मौजूद किसी शख्स ने आरुषि के कत्ल को अंजाम दिया इसलिए सीबीआई के सामने सिर्फ एक ही संभावना बचती थी वो थी आरुषि के मां-बाप राजेश और नूपुर तलवार के बारे में।

सीबीआई के मुताबिक उस रात राजेश तलवार ने हेमराज और आरुषि को ऐसी हालत में देखा होगा कि वो आगबबूला हो गए होंगे। राजेश तलवार ने गुस्से में हेमराज के ही कमरे में रखे गोल्फ क्लब को उठाया और आरुषि के कमरे में दाखिल हुए होंगे। गुस्से से राजेश तलवार ने हेमराज के सिर के पिछले हिस्से पर गोल्फ क्लब से वार किया होगा। पहला वार करने के बाद राजेश तलवार ने गोल्फ का दूसरा वार हेमराज पर किया लेकिन हेमराज का सिर झुक गया और गोल्फ क्लब सीधा आरुषि के माथे पर जा लगा। आरुषि के माथे पर घाव इस वजह से ही था।

इस बीच आवाज सुनकर नूपुर तलवार भी आरुषि के कमरे में भागी-भागी आई होंगी। नूपुर ने राजेश को संभाला होगा और बेटी को होश में लाने की कोशिश की होगी। रिपोर्ट में सीबीआई ने वारदात की जो परिकल्पना की है उसके मुताबिक राजेश और नूपुर तलवार नौकर हेमराज को बेडशीट में डालकर घर के मुख्य द्वार पर ले गए होंगे इसके बाद उसे सीढ़ियों से या तो उठाकर या फिर घसीटकर छत के ऊपर ले गए होंगे। सीबीआई की मुताबिक तब तक शायद हेमराज जिंदा था।

सीबीआई की परिकल्पना के मुताबिक हेमराज को जिंदा पाकर भविष्य के अंजाम से घबराकर बेडशीट के साथ हेमराज को घसीटकर छत की एक तरफ ले जाया गया होगा। इसके बाद सर्जिकल ब्लेड से हेमराज का गला काट दिया गया होगा जिससे उसकी मौत हो गई। इस दौरान या तो आरुषि की मौत हो गई होगी या फिर वो तेजी से मौत के मुंह में जा रही होगी। सबूत मिटाने और सीन ऑफ क्राइम को बनाने के इरादे से डॉ नूपुर और राजेश तलवार ने आरुषि के गले को भी सर्जिकल ब्लेड से काटा होगा। हालांकि ये बात साफ नहीं हुई है कि आरुषि का गला उसकी मौत के पहले काटा गया या फिर बाद में।

सीबीआई के मुताबिक आरुषि के गले पर कट का निशान या तो प्रीमॉर्टम है या फिर पोस्टमॉर्टम क्योंकि गले पर जख्म की जांच से साबित हुआ है कि धमनी के कटने के बाद तेज गति से खून निकलने जैसी घटना नहीं हुई।

सीबीआई का ये भी कहना है कि नुपुर तलवार हेमराज और आरुषि के बीच करीबी रिश्ते के निशान को मिटा देना चाहती थीं इसलिए उन्होंने आरुषि के प्राइवेट पार्ट्स को पानी से साफ भी किया और इस चीज को छुपाने के लिए ही आरुषि के बेड और कपड़े कुछ ज्यादा ही तरतीब में थे। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में वारदात की परिकल्पना के लिए कई सबूतों को आधार बनाया।

पहला सबूतः सिर्फ तलवार परिवार और हेमराज की मौजूदगी

तलवार परिवार के ड्राइवर उमेश, नौकरानी भारती और गार्ड के मुताबिक 15-16 मई, 2008 की रात घर में सिर्फ राजेश और नूपुर तलवार, आरुषि और हेमराज मौजूद थे।

दूसरा सबूतः जबरदस्ती दाखिल होने के सबूत नहीं

जलवायु विहार के गार्ड के मुताबिक उसने किसी को भी तलवार के घर से आते या जाते नहीं देखा। पड़ोसी पुनीत टंडन ने भी ऐसा ही बयान दिया।

तीसरा सबूतः नौकरों की भूमिका खारिज

सीबीआई ने नौकरों के इस हत्याकांड में शामिल होने की संभावना को नकार दिया है। सीबीआई के मुताबिक नूपुर तलवार आमतौर पर आरुषि के कमरे को बाहर से बंद कर दिया करती थीं। सिर्फ नूपुर तलवार बाहर से या आरुषि कमरे के अंदर से ही दरवाजे को खोल सकती थीं। पड़ोसी अनिता दुर्रानी, पुनीत टंडन और के एन जौहरी ने बयान दिया कि उनके नौकर बाहर नहीं गए।

चौथा सबूतः आरुषि के प्राइवेट पार्ट साफ किए गए

सीबीआई ने कत्ल की वजह को हेमराज और आरुषि के बीच नजदीकी रिश्ते को बताने की कोशिश की है। सीबीआई के मुताबिक इस रिश्ते को छुपाने के लिए एक ऐसा सबूत मिटाने की कोशिश की गई जिसकी जानकारी फॉरेंसिक जांच में पता चलती है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट करने वाले डॉक्टर के मुताबिक आरुषि के शरीर पर जोर-जबरदस्ती के कोई साक्ष्य नहीं पाए गए। लेकिन आरुषि के आगे के प्राइवेट पार्ट पर सफेद पदार्थ पाया गया। उनके मुताबिक आरुषि के प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की गई।

पांचवां सबूतः हेमराज को छत पर ले जाया गया

सीबीआई के मुताबिक डॉ रोहित कोचर और डॉ राजीव वार्ष्नेय ने छत के दरवाजे पर लगे हैंडल पर खून के धब्बे देखे थे जिसे उन्होंने डॉ तलवार और पुलिस को भी बताया था। लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। एक आगंतुक संजन चौहान के मुताबिक ऐसा लगता था जैसे किसी जख्मी शख्स को घसीटकर ऊपर ले जाया गया हो।

छठा सबूतः इंटरनेट रूटर

टेलीकॉम विभाग के कर्मचारी दीपक कांदा के मुताबिक तलवार के घर के इंटरनेट रूटर रात 12.08 और 3.43 के बीच ऑन-ऑफ किया गया।

सातवां सबूतः छत का दरवाजा

नौकर उमेश, कल्पना, विमला और पड़ोसी पुनीत टंडन ने बयान दिया कि छत का दरवाजा पहले कभी बंद नहीं रहता था।

आठवां सबूतः सर्जरी में ट्रेंड कातिल

पहले ये बात सामने आ रही थी कि खुखरी से हेमराज और आरुषि का गला रेता गया है लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ये साबित हो गया कि गला किसी धारदार हथियार से बहुत ही करीने से काटा गया जैसे कोई डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान करता है। गवाह नरेश राज ने बताया कि हेमराज के गले पर कट का निशान एक तरफ से दूसरी तरफ है। ये बहुत ही तेज धार वाले हथियार से किया गया। उन्होंने बताया कि ये हथियार खुखरी नहीं हो सकती।

नौवां सबूतः आकार का घाव का निशान

नौकर उमेश के मुताबिक उसने कत्ल के दिन से पांच महीने पहले हेमराज के कमरे में दो गोल्फ क्लब रखे थे। गवाह अजय चड्ढा के मुताबिक उसने एक गोल्फ क्लब तलवार के लोफ्ट से बरामद किया। तलवार दंपति भी ये साफ नहीं कर सके कि एक गोल्फ क्लब कैसे गायब हो गया। डॉ दोहरे के मुताबिक V-आकार के घाव का निशान गोल्फ क्लब के वार से हुआ होगा।

इन साक्ष्यों के आधार पर ही सीबीआई की स्पेशल मजिस्ट्रेट ने राजेश तलवार और नुपूर तलवार को हत्या और सबूत मिटाने में आरोपी बनाया था।

Source : .ibn

Posted by on Nov 26 2013. Filed under खबर. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

1 Comment for “ऐसे हुआ होगा आरुषि का मर्डर, सीबीआई की थ्योरी पढ़ें”

  1. Where I live, they have this county-wide Wrooi-A-Btek contest. I develop an idea from September to December hoping to get started and always spend my Winter Break rushing to get my story done by January. It is maddening and refreshing– at least I finish one story in a year.

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