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बिहार: किसान ने धान पैदावार में चीन का रिकार्ड तोड़ा

नालंदा बिहार के इस किसान सुमंत कुमार ने प्रति हेक्टेअर 224 क्विंटल धान की उपज का रिकॉर्ड बना कर पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए, इससे पहले चीन के यूआन लौंगपिंग ने प्रति हेक्टेयर 194 क्विंटल रिकॉर्ड फसल पैदा की थी| रिकॉर्ड उपज ने सुमंत को किसानों के बीच देश-दुनिया में हीरो बना दिया. इसी साल 15 जनवरी, 2013 को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उन्हें कृषि कर्मण अवार्ड का प्रशस्ति पत्र और एक लाख रु. का चेक देकर सम्मानित किया.

 

Bihar farmer makes world record with bumper crop

Bihar farmer makes world record with bumper crop

यह बात हमेशा से जगजाहिर रही है कि एक पड़ोसी दूसरे की तरक्की से शायद ही खुश होता है. ऐसा ही चीन के मामले में भी नजर आ रहा है. बिहार के नालंदा के एक किसान ने धान की पैदावार का विश्व रिकॉर्ड क्या बना लिया, यह बात उसके गले ही नहीं उतर रही है. चीन के फादर ऑफ राइस हाइब्रिड के नाम से मशहूर यूआन लौंगपिंग ने नालंदा के किसान सुमंत कुमार के इस कीर्तिमान पर प्रश्नचिन्ह लगाया है.

लौंगपिंग के मुताबिक, बगैर रासायनिक खाद और हाइब्रिड के इतनी पैदावार संभव नहीं है. सुमंत ने जवाब देते हुए इसे ईष्या भरी टिप्पणी बताया है. सुमंत का कहना है, ”मेरी उपज का आकलन खुद मैं नहीं बल्कि सरकारी अधिकारी, कृषि वैज्ञानिकों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया गया है. ” अकेले उनकी ही नहीं बल्कि गांव के चार अन्य किसानों के यहां की उपज भी चीन के स्थापित रिकॉर्ड से अधिक दर्ज की गई है.

सुमंत अपने पिछले रिकॉर्ड को 2012-13 में पार करने की योजना में थे, लेकिन सरकारी कार्यक्रमों में व्यस्त रहने और अस्वस्थ हो जाने की वजह से वे अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके. वैसे भी एक ही खेत में दोबारा रिकॉर्ड उपज ले पाना मुश्किल होता है, लेकिन फसल चक्र अपनाकर एक अंतराल के बाद उसी खेत में रिकॉर्ड उपज मुमकिन है. इस साल भी गांव के संजय कुमार ने प्रति हेक्टेयर 140 क्विंटल और विजय कुमार ने 130 क्विंटल धान पैदा किया है. यह उपज तब हुई है, जब फसल चक्र का पालन नहीं किया गया और मौसम प्रतिकूल रहा है.

जहां तक रासायनिक खाद और हाइब्रिड के इस्तेमाल की बात है, यह किसी से छिपी नहीं है. हाइब्रिड एराइज 6444 और मामूली रासायनिक खाद का उपयोग किया गया है. सबसे ज्यादा हरी खाद और ऑर्गेनिक खाद का उपयोग हुआ है, जो सरकारी रिकॉर्ड में है. सुमंत कहते हैं, ”लौंगपिंग चाहें तो उनके गांव दरवेशपुरा आएं और मेरी खेती को देखें, उनका स्वागत होगा. ये उनकी ईष्या है, जो अपने से अधिक पैदावार करने वाले को वे पचा नहीं पा रहे हैं.” कृषि विभाग के विशेषज्ञ राजीव रंजन कहते हैं, ”दरवेशपुरा की मिट्टी भी रिकॉर्ड पैदावार के लिए उपयुक्त रही है. ”

सुमंत ने 2011-12 में इस कारनामे को अंजाम दिया था. रिकॉर्ड उपज ने सुमंत को किसानों के बीच देश-दुनिया में हीरो बना दिया. इसी साल 15 जनवरी, 2013 को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उन्हें कृषि कर्मण अवार्ड का प्रशस्ति पत्र और एक लाख रु. का चेक देकर सम्मानित किया.

चीन के यूआन लौंगपिंग ने प्रति हेक्टेयर 194 क्विंटल रिकॉर्ड फसल पैदा की थी, लेकिन 2012 में नालंदा के सुमंत कुमार ने प्रति हेक्टेयर 224 क्विंटल धान का रिकॉर्ड बना कर पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए. लौंगपिंग को इस रिकॉर्ड पर ऐतबार नहीं और उन्होंने सवाल खड़ा कर दिया. लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि हाल ही में बिहार दौरे पर आए नोबेल पुरस्कार विजेता जोसेफ  स्टिगलिट्ज ने बिहार के किसानों को वैज्ञानिकों से भी होशियार बताया है.

Via : Aaj Tak

It has always been evident that the promotion of a neighbor is rarely happy. It is also visible in the case of China. A farmer in Nalanda in Bihar What made the world record for the cultivation of rice, it is not getting off to her throat. Father of Hybrid Rice in China known as the Yuan Lungping Nalanda farmers Sumanta Kumar has been questioned on the record.
According to Lungping, so production is not possible without chemical fertilizers and hybrid. Replying to the comment by Sumanth it does envy. Sumanth says,” I do not own my produce assessments of government officials, scientists and representatives of farming has been in existence.

This year, 140 quintals per hectare village Sanjay Kumar and Vijay Kumar has produced 130 quintals of paddy. The yield is then, when the crop circle was not followed and the weather is unfavorable.

As far as the use of chemical fertilizers and hybrid thing, it is not hidden from anyone. Hybrid Araij 6444 and modest chemical fertilizer is used. Green manure and organic manure use is highest, which is in the official record. Sumanth says,” Lungping wish to cultivate their village Drvespura come and see me, will welcome them. It is their envy, which yields the more they are unable to digest.” Agriculture expert Rajiv Ranjan says,” Drvespura suitable for the cultivation of the soil is also recorded. ”

Sumanth’s feat was carried out in 2011-12. Sumanth’s land between farmers produce record – made heroes in this world. This year, January 15, 2013, President Pranab Mukherjee agriculture Karmn Award citation and a Rs. Honored by the Czech.

194 quintals per hectare Chinese Yuan Lungping record crop, but in 2012, 224 quintals of paddy per hectare Nalanda Sumanta Kumar records destroyed the previous record. Lungping not trust on this record and they were questioned.

 

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Posted by on Mar 13 2013. Filed under खबर. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

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