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भाई टिक्की की रेहड़ी लगाकर चलाता है परिवार, BCCI के कैंप में खेलेगी बहन

Brother Runs The Family By Tikki Shop, Sister Will Play In The BCCI Camp

 

चंडीगढ़. मोहल्ले में बच्चों के साथ शौकिया क्रिकेट खेलने वाली 14 साल की रजनी अब बीसीसीआई के जोनल क्रिकेट कोचिंग कैंप में हिस्सा लेंगी। यह लाइन लिखने में जितनी सरल है, रजनी का जोनल कैंप मे सेलेक्ट होने तक का सफर उतना ही मुश्किल रहा। बापूधाम सेक्टर-26 में रहने वाली रजनी के सिर पर पिता का साया नहीं है, बड़ा भाई सचिन सेक्टर-19 की मार्केट में टिक्की की रेहड़ी लगाकर परिवार चलाता है।

 

खेल के प्रति बहन का जज्बा देखकर भाई ने हमेशा हौसला बढ़ाया। दूसरी तरफ एलआईसी एकेडमी के दीपेंद्र छाबड़ा और कोच राजेश पाठा ने रजनी के टैलेंट को पहचानते हुए पूरा साथ दिया। रजनी खुद कहती हैं कि मुझे परिवार और एकेडमी का साथ नहीं मिला होता तो मैं आज यहां नहीं पहुंच पाती। लाहली में 4 से 30 मई तक चलने वाले इस कैंप के लिए देश से 25 लड़कियों को चुना गया है, पंजाब से रजनी और तान्या ही शामिल हैं।

 

खर्च एकेडमी के जिम्मे
2009 में सेक्टर-26 के गवर्नमेंट स्कूल में लीडर्स इन क्रिकेट एकेडमी में रजनी ने खेलना शुरू किया। रजनी की किट और आने-जाने का खर्च एकेडमी के दीपेंद्र छाबड़ा देते हैं।

 

मीडियम पेसर से बनाया लेग स्पिनर
शुरुआत में रजनी मीडियम पेसर थीं। कोच पाठा ने देखा कि गेंद डालते समय उसका हाथ लेग स्पिनर की तरह काम करता है, तभी उन्होंने रजनी को लेग स्पिनर बनाने का फैसला किया। इसका असर डिस्ट्रिक्ट मैचों में दिखा। पिछले साल रजनी ने 4 मैचों में 9 विकेट लिए। इसके बाद पंजाब अंडर-19 टीम में चयन हुआ, जहां 3 मैचों में 5 विकेट लेकर प्रभावित किया।

 

deepika

 

पिता चलाते हैं रिक्शा और बेटी ने किया ऐसा काम जिसे दुनिया करे सलाम!
भारतीय तीरंदाज दीपिका कुमारी आज एक जाना पहचाना नाम हे, लेकिन कभी दीपिका ने बेहद कम संसाधनों में भी खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। झारखंड से 15 किलोमीटर दूर छति गांव की रहने वाली दीपिका कुमारी ने तीरंदाजी में न केवल भारत को एक नई पहचान दिलवाई बल्कि विभिन्न प्रतियोगिताओं में गोल्ड भी दिलवाया है।

 

बहुत ही गरीबी में अपने कॅरियर की शुरूआत करने वाली दीपिका आम भारतीय लड़कि यों के लिए मिसाल बन चुकी हैं जो गरीबी से लड़ कर कुछ बड़ा करने की चाह रखती हैं। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण जब दीपिका के पिता ने यह सुना की वह तीरंदाजी मे कॅरियर बनाना चाहती है तो उन्होंने साफ  मना कर दिया। दीपिका कुमारी के पिता रिक्शा चलाते हैं और मां एक प्राईवेट नर्सिंग होम में काम करती हैं।

 

बावजूद दीपिका ने अपने फैमिली बजट से समझौता करते हुए खुद ही संशाधन जुटा कर प्रैक्टिस करने लगी। अत्यधिक गरिबी में भी दीपिका ने अभ्यास नहीं छोड़ा और अपने हौशले को बनाए रखा। लकड़ी के बने तीर-धनुष से पेड़ पर लगे आम पर निशाना साधने वाली दीपिका ने आज तीरंदाजी में एक मुकाम हासिल कर झारखंड के साथ ही पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

 

New Source : bhaskar.com

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अंकिता सिंह

Web Title : Brother Runs The Family By Tikki Shop, Sister Will Play In The BCCI Camp

Keyword : Tikki Shop, Sister Will Play In The BCCI Camp,deepika kumari,rajani

Posted by on May 3 2014. Filed under अहा! ज़िंदगी, आधी आबादी. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

1 Comment for “भाई टिक्की की रेहड़ी लगाकर चलाता है परिवार, BCCI के कैंप में खेलेगी बहन”

  1. sach ko janna aur smajna yha hai

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