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कुछ खास बाते है इस साधारण दिखने वाली इस लड़की में

Chhavi Rajawat

आज हम आपको बता रहे हैं राजस्थान की उस बेटी की कहानी संभवतः भारत की पहली महिला MBA सरपंच है।

भारत की एक होनहार बेटी की कहानी…

जयपुर से 60 किमी की दूरी पर टोंक जिले में एक गांव जिसका नाम है सोड़ा, जहां की सरपंच हैं छवि राजावत।31 वर्षीय छवि राजावत भारत की शायद पहली महिला सरपंच हैं जो एमबीए किए हुए हैं।जहां एक ओर उच्च योग्यताधारी युवक/ युवतियां कार्पोरेट जगत की ओर भाग रहे हैं वहीं विकास का सपना लिए हुए छवि ने गांव की बागडोर संभाली।

जयपुर में जन्मी इस लड़की ने देश के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेजों में शामिल दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से पढ़ाई की। एमबीए की डिग्री लेने के बाद कोई भी लड़की किसी बड़ी कंपनी से जुड़कर अपना भविष्य संवारना चाहेगी, लेकिन उसने अपने लिए एक अलग रास्ता चुना। एक ऐसा रास्ता जो उसे अपनी जड़ों की ओर ले गया। जिसने उसे पूरी दुनिया में मशहूर कर दिया।

जयपुर से 60 किमी की दूरी पर टोंक जिले में एक गांव जिसका नाम है सोड़ा, जहां की सरपंच हैं छवि राजावत। 32 वर्षीय छवि राजावत भारत की शायद पहली महिला सरपंच हैं जो एमबीए किए हुए हैं1383104_590037791043923_1307899928_n
जहां एक ओर उच्च योग्यताधारी युवक/युवतियां कार्पोरेट जगत की ओर भाग रहे हैं वहीं विकास का सपना लिए हुए छवि ने गांव की बागडोर संभाली।
सरपंच बनने से पहले वे कार्लसन ग्रुप ऑफ़ होटल्स और कम्युनिकेशन कंपनी एयरटेल में काम कर चुकी हैं लेकिन अपने उस गांव की मिट्टी जहां वे पैदा हुईं उन्हें अपने करीब खींच लाया।
छवि ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आन्ध्र प्रदेश के ऋषि वैली स्कूल से की, उसके बाद उनकी पढ़ाई अजमेर के मेयो गर्ल्स कॉलेज और दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से हुई। पुणे से एमबीए करने के बाद उन्होंने कार्पोरेट जगत में कदम रखा।
किसी मॉडल या एक्ट्रेस से कम न दिखने वाली छवि को पहली नज़र में देखकर हर कोई यह अंदाजा नहीं लगा सकता कि वे एक सरपंच हैं, संयुक्त राष्ट्र में इसका उदाहरण भी देखने को मिला।
सरपंच बनने के बाद छवि ने मार्च 2011 में 11वीं इन्फो-पॉवर्टी वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिए जिसमें गरीबी और विकास के मुद्दे पर चर्चा की गई।chhavi rajawat sarpanch soda village
छवि ने इतनी अधिक क्वालिफिकेशन होने के बावजूद गांव की ओर कदम क्यों बढ़ाया, के जवाब में वे कहती हैं की वे यहां पली-बढीं हैं और उनके गांव को उनकी ज़रूरत है
छवि के दादाजी और सेवानिवृत ब्रिगेडियर रघुवीर सिंह भी सर्वसम्मति से गांव के सरपंच चुने गए थे। छवि के अनुसार गांव के लोगों ने उनके दादाजी के रिटायर्मेंट के बाद से पिछले 20 सालों में थोड़ा-बहुत विकास देखा है और उनका उद्देश्य गांव के हालात को पूरी तरह बदल कर विकास की गंगा बहाना है।
छवि को जब गांव का निरिक्षण करना होता है तो वे अपने घोड़े पर सवार होकर निकलती हैं जिसका नाम मैजिक है। अपने पहनावे के बारे में छवि कहती हैं कि वे गांव की बेटी हैं, बहु होतीं तो पहनावे के बारे में सोचतीं।
एक ओर जहां छवि गांव के विकास के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही हैं तो वहीं गांव वाले भी उन्हें भरपूर सहयोग प्रदान कर रहे हैं। छवि कहती हैं कि गांव के विकास को सुचारू रूप देने में उनकी उच्च शिक्षा काफी कारगर सावित हुई।

 

मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से

करियर

पुणे के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ माडर्न मैनेजमेंट से एमबीए की डिग्री हासिल करने वाली छवि कई नामी कारपोरेट कंपनियों में काम कर चुकी हैं। उन्होंने चकाचौंध भरी जिंदगी का साथ छोड़ गांव की मिट्टी से जुड़ने का फैसला किया। इसके लिए सरपंच का चुनाव लड़ने का फैसला किया। 4 फरवरी 2011 को छवि ने अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वी को रिकॉर्ड 1200 मतों से हराकर सरपंच चुनाव में जीत दर्ज की। चुनाव जीतने के बाद छवि ने कहा कि ‘मैं गांव में सेवा करने के उद्देश्य से आई हूं।’ वह अपने गांव में वॉटर हार्वेस्टिंग कार्यक्रम चला रही हैं। साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के तहत चलाए जा रही सभी योजनाओं पर पैनी नजर रखती हैं और सक्रिय कदम उठाती हैं। अभी हाल में ही यूएनओ की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में छवि ने शिरकत की थी और गांव की तरक्की का खाका पेश किया था।

प्रारंभिक जीवन

छवि रजावत का जन्म राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुआ, किन्तु वे राजस्थान के टोंक जिला अंतर्गत मालपुरा तहसील के एक छोटे से गाँव सोडा की रहने वाली है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा ऋषि वैली स्कूल (आंध्र प्रदेश) और मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल,अजमेर में हुई । तत्पश्चात उन्होने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से स्नातक किया और पुणे के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ माडर्न मैनेजमेंट से एमबीए की डिग्री हासिल की।

व्यक्तिगत जीवन

छवि रजावत अपने गाँव सोडा और जयपुर में बराबर माता -पिता के साथ समय बिताती हैं। वह किसानों के बच्चों के साथ खेलती हुई बड़ी हुई हैं। वह ग्रामीणों की परेशानियों को दूर करने के लिए उनके साथ प्रतिदिन घंटों समय बिताती हैं।सरपंच बनने के पीछे उनकी भावना अपने गांव के लिए काम करने की रही है। छवि कहती है कि “मेरे दादाजी ब्रिगेडियर रघुबीर सिंह लगातार तीन बार सोडा से सरपंच चुने गए थे और उनकी इच्छा थी कि मैं भी उनके पदचिह्नें पर चलूं।” छवि का कहना कि उनका राजनीति में जाने का कोई इरादा नहीं है और वह केवल अपने गांव के लोगों की मदद करना चाहती हैं। बेंगलुरू के ऋषि वेली और दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज की पूर्व छात्रा छवि ने पुणे से व्यवसाय प्रबंधन की डिग्री हासिल की है लेकिन इसके बाद भी उन्हें शहरों की तेज जिंदगी की यादें नहीं सतातीं।

उपलब्धि

  • वर्ष-2011 में छवि ने संयुक्त राष्ट्र संघ में आयोजित 11 वें इन्फो पॉवर्टी विश्व सम्मेलन में दुनिया भर से मंत्रियों और राजदूतों को संबोधित किया।
  • मई -2011 में पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम ने नई दिल्ली में प्रौद्योगिकी दिवस समारोह में छवि को सम्मानित किया। इस अवसर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री पवन बंसल भी उपस्थित थे।
  • भारतीय युवा नेत्री का खिताब : देश को दिशा देने वाले आठ भारतीय युवा नेताओं में से एक होने का गौरव।

 

Soda Village Website  : http://soda-india.in/sarpanch

 

Chhavi Rajawat: An MBA. Sarpanch. Engine of Social Change!

 

Interview with Chhavi Rajawat Mayor of Soda, India.

 

Chhavi Rajawat at Conversations with Namu Kini

 

 

Chhavi Rajawat in ‘The Quest’

 

Vaahini webcast with Chhavi Rajawat, India’s first woman Sarpanch with an MBA

 

Chhavi Rajawat Session – Yuva, Part 1 @ Changing Tomorrow, ChaT 2011

 

Chhavi Rajawat (Star News)

Posted by on Oct 28 2013. Filed under आधी आबादी. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

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