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गांधी ही मेरा बाप है

मै   बचपन में सोचा  करता था की राष्ट्रपिता क्या होता है ?? राष्ट्रपति क्या होता ?? शायद दोनों एक होते क्या , या शायद अलग अलग , तब इनमे अंतर क्या होता है ?? आखिर चक्कर क्या है रास्ट्रपिता का??
सुना था जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान् होता है, तो क्या  जो अवैध बच्चे होते हैं जिनके पास ब्रांडिंग नहीं होती  कहीं उनके लिए कोंग्रेसियों ने गाँधी को रास्ट्रपिता बना हलाल तो नहीं  कर दिया गया ??  वो भी राष्ट्रपिता   को बापू कह सकता है, ?? तब तो उसकी समस्या हल , वो भी कह सकता है, तुम्हारे पास क्या है, मेरे पास  पंचायती(सबका,साझा  )  बापू है.

एक और  भी एक संभावना बनती है,  कहा जाता है गाँधी जी  ब्रम्हचर्य का सत्य के साथ प्रयोग ( कुवारीं नग्न लडकियों के साथ सो कर )  करते थे. तो कौन जाने फलस्वरूप  जब फसल हुई  तो देश भर में फैला दिया और  डाईरेक्ट   ब्रांडिंग न कर के अपने आप को रास्ट्रपिता घोषित करवा लिया, इससे नून न फिटकरी  और रंग चोखा, यानि बदनामी का डर नहीं और उन बच्चो को उनका बापू मिल गया. जिसको लोगो ने भ्रम वश या ताकियाकलाम  बापू कहना शुरू कर दिया . जैसे किसी कोठे की वेश्या सबकी बीवी होती है.

क्या बात हो सकती है की गाँधी को रास्ट्रपिता घोषित कर दिया गया?? अभी हाल में ही एक बच्ची ने आर टी आई के तहत सरकार  से पूछा  की  गाँधी जैसे  मटेरियल को “रास्ट्रपिता”  जैसे भ्रम में किसने तब्लिद किया,  अब सरकार को क्या पता की की बापू (रास्ट्रपिता) किसकी गलती ?
अब आईये गाँधी वादियों से पूछते हैं :-
क्यों भाई आपके पिता का क्या नाम ??
गाँधी वादी :-मिस्टर X,Y,Z
तो क्या गाँधी जी कौन है ??
गाँधी वादी : क्या बकवास करते हो उनको मरे अरसा हो गया है वो मेरे पिता कैसे हो सकते है ???
अरे भाई लो आप ही लोग तो उनको डैडी कहते हो ,
गाँधी वादी : अरे वो तो रास्ट्रपिता है ,
राष्ट्रपिता कैसे ?? क्या आपकी मम्मी  जी ने बताया ??
गांधीवादी अब बिदक गया , ” तुम ही जैसे लोगो कि वजह से देश बदनाम होता है..शायद तुम गोडसे के भतीजे हो ,
अरे भाई बताओ तो सही राष्ट्रपिता  मतलब भारत का बाप ?? देश का डैडी?? यानि भारत गाँधी की पैदाईश है जिसको उसने नेहरू के खानदान  को सौप दिया और आजतक सभी उसको अपनी औलाद मानते है, रही बात गोडसे के चचा होने कि तो माफ कीजिये गाँधी -नेहरू दोनों रंगा -बिल्ला, देश के बाप -चचा  का पोस्ट हथिया लिया है , भी मानता हूँ की गाँधी का इस देश के लिए बहुत योगदान हुआ, तो हम कौन सा “महात्मा ” कहने से गुरेज कर रहे हैं ?? लेकिन किसी को देश का बाप कैसे घोषित किया जा सकता है ?? तब गाँधी के साथ बाकी को भी घोषित करो .. चलो नेहरू को चचा मानने से हमें कोई गुरेज नहीं आजकल शिष्टाचार कि भाषा में किसी को भी चचा कहा जा सकता है. जब नेहरू राष्ट्र चचा हो गए तो बिचारा गोडसे कहाँ टिकेगा अब , हलाकि बापू मानना अपने आप को दोगला कहलाना लगाता है सो हम नहीं मानते ..
गांधीवादी : क्या खूब, जिसने आजादी दिलाई उसको बापू मानने से परहेज और नेहरू चचा ??
अरे भाई  तब तो आपके इस नाजायज बाप ने तो बहुतो को हाशिए पे कर दिया ए, :सुभास” आजाद , चंद्रशेखर , आदि आदि , क्या इसी बात के लिए गांधी को बापू मानते हो ???  रही नेहरू को  चचा मानने कि बात तो बताया कि शिष्टाचार में कोई भी चचा कहला सकता है अपने आप को ..
गाँधीवादी अब चुप था अपने आप पर शर्मिंदगी महसूस  कर रहा था , बोला बताओ तुम्हे क्या गुरेज है गाँधी को बापू मानने से ,…
 मैंने कहा , गुरेज मुझे इसलिए है इसकी वजह से देश में आज भी ढेर सारे  नौजवान कुवांरे  बैठे है..
“क्या बकते हो ”  गांधीवादी बिदका   .
मैंने कहा सच में , देखो कोंग्रेस के गाँधी को कोंग्रेसियों ने राष्ट्रपिता कहा तो जबरजस्ती पुरे देश का राष्ट्रपिता बना दिया गया , नेहरू का राष्ट्र चचा बना दिया गया , इंदिरा  को राष्ट्र बेटी बना दिया गया , सोनिया को राष्ट्र वधु – कालांतर मम्मी बना दिया गया , अब बचे राहुल , उसे देश का युवराज बना दिया  गया, जिससे राहुल खुद भी हैरान और परेशान है, जिसकी वजह से शादी नहीं कर रहा, देश भर के नौजवान कुवारें इसी बात का इंतजार कर रहे हैं कि कब राहुल शादी करे और कब  उनकी बीवी को देश कि ——–
गांधीवादी : अरे हाँ ये तो मैंने  सोचा ही नहीं था  , तब तो मै फिर से कहता हूँ गांधी ही मेरा बाप है. भाई  मै भी कुवारा हूँ (मुसकराते हुए कहा )
अब मुझे  गाँधी के बापू कहलाने का रहस्य पता चल चूका था , शायद आपको भी 🙂 तब चलिए राम राम .
सादर
कमल

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Posted by on Jul 25 2012. Filed under खबर. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Both comments and pings are currently closed.

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