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जानें: आज पेश हुए बजट की मुख्य बातें

highlights of budget 2014

 

 

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोदी सरकार का पहला बजट आज लोकसभा में पेश कर दिया। जानें, बजट की बड़ी-बड़ी बातें…

कोल्ड ड्रिंक्स और पान मसाला महंगे होंगे।

तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई। सिगेरट, सिगार महंगी।


विदेश से 45 हजार रुपये तक का सामान लेने पर कोई टैक्स नहीं।

कंप्यूटर्स पार्ट्स और 1000 रुपए तक के जूते सस्ते होंगे।

स्टील के सामान सस्ते होंगे।

सौर ऊर्जा से जुड़े उपकरण सस्ते होंगे।

सभी तरह के टीवी सस्ते होंगे, 19 इंच से कम के एलसीडी में कस्टम ड्यूटी शून्य करने का प्रस्ताव।

म्यूचुअल फंड्स पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स 10% से बढ़कर 20% होगा।

होमलोन इंटरेस्ट पर बढ़ी ही छूट सीमा से फायदा

15450 रुपये तक 30 प्रतिशत टैक्स स्लैब वालों के
10300 रुपये तक 20 प्रतिशत टैक्स स्लैब वालों को
5150 रुपये तक 10 प्रतिशत टैक्स स्लैब वालों को

80 सी में निवेश पर बढ़ी ही छूट सीमा से फायदा

15450 रुपये तक 30 प्रतिशत टैक्स स्लैब वालों के
10300 रुपये तक 20 प्रतिशत टैक्स स्लैब वालों को
5150 रुपये तक 10 प्रतिशत टैक्स स्लैब वालों को

इनकम टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख करने से सबको 5150 रुपये तक का फायदा


होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा बढी। अभी डेढ़ लाख तक के ब्याज पर टैक्स छूट मिलती थी, अब दो लाख रुपये तक के ब्याज पर टैक्स छूट मिलेगी।

80C के तहत निवेश की सीमा एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये की गई।

सीनियर सिटीजन्स (60 साल से ऊपर) के लिए टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 3 लाख की गई।

टैक्स स्लैब में बदलाव, पर रेट पहले जैसे ही रहेंगे। टैक्स छूट की सीमा 2 से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये की गई। यानी अब ढाई लाख तक की सालाना आमदनी पर टैक्स नहीं देना होगा।

टैक्सों से होने वाली आय 13 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

इसी अवधि में योजनागत खर्च 5 लाख 75 हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

वित्त वर्ष 2014-15 के लिए गैर-योजनागत खर्च 12 लाख 19 हजार 892 करोड़ रहने का अनुमान है।

दिल्ली में बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए 200 करोड़ रुपये और जल आपूर्ति सुधारने के लिए 500 करोड़ रुपये।

पूर्वोत्तर राज्यों के लिए ‘अरुण प्रभा’ नाम से 24 घंटे का चैनल।

पूर्वोत्तर राज्यों में रेल के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये।

पूर्वोत्तर राज्यों में ऑर्गेनिक खेती के विकास के लिए 100 करोड़।

विस्थापित कश्मीरियों के पुनर्वास के लिए 500 करोड़ का प्रावधान।

युवाओं में नेतृत्व कौशल बढ़ाने के लिए 100 करोड़ की योजना।

मणिपुर में खेल विश्वविद्यालय के लिए 100 करोड़ का प्रावधान।

जम्मू-कश्मीर में खेल सुविधाओं के विकास के लिए 200 करोड़ का प्रस्ताव।

देश के अलग-अलग राज्यों में राष्ट्रीय खेल अकादमी खुलेंगी।

पुणे और कोलकाता में दो नए बायो टेक कलस्टर बनाए जाएंगे।

गंगा के लिए नमामि गंगा योजना के लिए 2037 करोड़ रुपये।

नदी किनारे घाटों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की योजना का प्रस्ताव।

नदियों को जोड़ने की योजना के अध्ययन के लिए 100 करोड़ रुपये।

तीर्थयात्रा पर्यटन बढ़ाने के लिए 100 करोड़, 5 टूरिस्ट सर्किट के लिए 500 करोड़ और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए 200 करोड़ रुपये।

वॉर म्यूजियम के साथ वॉर मेमोरियल बनाने का प्रस्ताव। इसके लिए 100 करोड़ रुपये दिए।

रक्षा क्षेत्र के लिए 2 लाख 29 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित।

पीपीएफ में निवेश की अधिकतम सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख करने का प्रस्ताव।

EPS-95 के तहत शुरू की गई पेंशन योजना में धारक को न्यूनतम 1000 रुपये पेंशन देने को मंजूरी।

10 हजार करोड़ रुपये स्टार्टअप्स (नई कंपनियों) के लिए।

माइनिंग में राज्य सरकारों की रॉयल्टी बढ़ेगी।

कोयला उत्पादन बढ़ाने की कोशिश होगी। थर्मल पावर की नई तकनीक के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित।

सौर ऊर्जा विद्युत परियोजनाएं राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात और लद्दाख में शुरू होंगी। इसके लिए बजट में 500 करोड़ रुपये।

37, 880 करोड़ रुपये राजमार्गों के लिए। इसमें उत्तर-पूर्व क्षेत्र के लिए खास तौर से 3 हजार करोड़। 8500 किलोमीटर हाईवे बनाने का लक्ष्य।

निर्यात बढ़ाने के लिए एक्सपोर्ट मिशन शुरू होगा।

इलाहाबाद से हल्दिया तक गंगा में जलमार्ग बनाने की योजना। इसे छह साल में पूरा करने का लक्ष्य।

लघु और मध्यम दर्जे के उद्योगों के लिए पूंजी की सीमा बढ़ेगी।

16 नई बंदरगाह परियोजना शुरू करने की योजना।

स्पेशल इकनॉमिक जोन फिर से शुरू किए जाएंगे, 7 स्मार्ट औद्योगिक शहर बनेंगे।

किसानों को मिट्टी की जांच के लिए हेल्प कार्ड मिलेगा।

बेंगलुरु-मुंबई इंफ्रास्ट्रक्चर गलियारा को समय पर पूरा किया जाएगा।

इस साल 31 दिसंबर तक सभी सरकारी विभाग और मंत्रालय 31 ई-प्लैटफॉर्म पर आ जाएंगे।

कमज़ोर तबकों को सस्ता चावल-गेहूं मुहैया कराना प्राथमिकता: अरुण जेटली

ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये।

राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा प्राधिकरण के लिए 100 करोड़ रुपये।

किसानों के लिए नया टीवी चैनल खोला जाएगा। इसके लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित।

प्राथमिक शिक्षा के लिए 28 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान।

सर्वशिक्षा अभियान के लिए 28 हजार 635 करोड़ रुपये। टीचरों की ट्रेनिंग के लिए पंडित मदन मोहन मालवीय प्रोग्राम शुरू किया जाएगा।

आंध्र प्रदेश और राजस्थान में कृषि विश्वविद्यालय खोले जाएंगे।

महंगाई रोकने के लिए 500 करोड़ रुपये का फंड।

किसानों को कर्ज के लिए 8 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान।

जम्मू, छत्तीसगढ़, गोवा, आंध्र प्रदेश और केरल में नए IITखुलेंगे।

बिहार, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब में खुलेंगे 5 नए आईआईएम।

अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए 4 हजार करोड़।

मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए 100 करोड़।

लखनऊ, अहमदाबाद मेट्रो के लिए 100 करोड़ रुपये।

5 नए आईआईटी और 5 नए आईआईएम के लिए 500 करोड़ रुपये।

फिर से किसान विकास पत्र आएगा।

जनजातीय कल्याण के लिए वन बंधु योजना।

ग्रामीण क्षेत्रों में हाउसिंग के लिए 8 हजार करोड़ रुपये।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 14 हजार करोड़।

12 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।

आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, विदर्भ और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में खुलेंगे एम्स।

4 नए एम्स बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये, हर राज्य में एक एम्स खोलने का लक्ष्य।

नैशनल कैपिटल रीजन में क्राइसिस मैनेजमेंट सेंटर खुलेगा।

गांवों तक बिजली पहुंचाने के लिए दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना।

गांवों के शहरीकरण के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन।

गुजरात में सरदार पटेल की मूर्ति के लिए 200 करोड़ रुपये।

महात्मा गांधी की जयंती पर स्वच्छ भारत अभियान शुरू होगा और 2019 तक स्वच्छता अभियान में सभी परिवारों को शामिल करने का लक्ष्य।

देश के नौ हवाई अड्डों पर वीजा ऑन अराइवव योजना शुरू होगी।

बड़े शहरों के पास 100 स्मार्ट सिटी के लिए बजट में 7 हजार 60 करोड़ रुपये का प्रावधान।

बीमा और रक्षा क्षेत्र में FIPB के जरिए 49 फीसदी एफडीआई का ऐलान।

बैंकों को ज्यादा स्वायत्तता देने के साथ ही ज्यादा जवाबदेह बनाया जाएगा।

रक्षा सेक्टर और स्मार्ट सिटी के लिए एफडीआई की मंजूरी दी जाएगी।

टैक्स सिस्टम को आसान बनाया जाएगा, टैक्स से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए अथॉरिटी।

रोट्रोस्पेक्टिव टैक्स नहीं लगाए जाएंगे। टैक्स नीति जो भी बदलाव होंगे अब से लागू होंगे।

सरकारी घाटा कम करने के लिए रोडमैप पेश। एक्सपेंडेचर मैंनेजमेंट कमिशन बनाने की घोषणा।

सब्सिडी कम होगी, सिर्फ जरूरतमंदों को मिलेगी। नई यूरिया नीति बनाने का ऐलान।

 

Source : navbharattimes.indiatimes.com

Posted by on Jul 10 2014. Filed under खबर. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

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