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सच मे .. कांग्रेस इस देश को बेच कर ही दम लेगी

सच मे .. कांग्रेस इस देश को बेच कर ही दम लेगी |
मित्रों , १९६२ के चीन युद्ध मे भारत की बुरी तरह हार हुयी जिसमे चीन ने भारत के एक बड़े भूभाग पर कब्जा कर लिया था | उसके पहले १९४८मे कश्मीर पर पाकिस्तानी सेना ने कबायलियों के साथ मिलकर कश्मीर के आधे से ज्यादा हिस्से पर कब्जाकर लिया और उसमे से अक्साई चिन एरिया चीन को उपहार मेदे दिया ..
आज़ादी के बाद भारत अब तक जितने भी युद्ध हारा है और अपने भूभाग को खोया है वो कांग्रेस के समय मे ही लड़े गए |
मित्रों, ये कांग्रेस भारत की अखंडता के प्रति कितनी घटिया और नीच सोच रखती है उसका मुजाहिरा संसद मे तब देखने को मिला जब चीन युद्ध मे करारी हार के बाद नेहरु संसद मे बयान दे रहे थे |
उस वक्त डॉ श्यामा प्रशाद मुखर्जी के सवाल का जबाब देते हुएनेहरु ने कहा कि चीन ने जिस भूभाग पर कब्जा कर लिया है वो बंजर है किसी काम की नही है इसलिए हमे उसका दुःख नही होना चाहिए … इस पर डॉ मुखर्जी ने तुरंत खड़े होकर नेहरु से कहा कि नेहरु जी आपका सर भी बंजर है क्योकि वहाँ बाल नही है तो क्या आप अपना सर कलमकरवा लेंगे ? इस जबाब पर नेहरु की सिट्टीपिट्टी गुम हो गयी थी |
फिर जब उस समय के नौजवान सांसद अटल बिहारी वाजपेयी ने रक्षामंत्री वी के कृष्ण मेनन [जिनके उपर सेना के लिए जीप खरीदने मे घोटाले का आरोप लगा था और वो सारी जीपे चीन की लड़ाई मे धोखा दे गयी और उन घटिया जीपों की वजह से हमारे पांच हज़ार सैनिक शहीद हुए थे ] उनका इस्थीपा माँगा तो नेहरु ने तुरंत खड़े होकर मेनन के पक्ष मे बोलने लगे और कहा कि युद्ध मे जीत और हार तो होती रहती है इसका मतलब ये नही है कि किसी काइस्थीपा लिया जाये |
असल मे वी के क्रिंष्ण मेनन नेहरुका सबसे खास राजदार था .. नेहरु के अवैध सम्बन्ध माउंटबेटनकी पत्नीएडविना से थे .. [इसके बारे मे आप विस्तृत रूप से एडविनाकी सहेली ली कैथरीन की किताब”नेहरु एंड एडविना ” मे पढ़ सकते है. इस किताब मे नेहरु के द्वारा उसकी खुद की हैंड राइटिंग्स मे लिखे कुल ३० सड़क छाप प्रेम पत्र भी प्रकाशित किये गए है .. इस किताबमे उस डॉ का भी जिक्र है जिसके पासलन्दन मे नेहरु अपनी यौन रोगों काईलाज करवाते थे ]
आज़ादी के बाद जब एडविना लन्दन चलीगयी तब नेहरु ने अपने इसी खास राजदार मेनन को बिना किसी योग्यता के ब्रिटेन मे भारत का उच्चायुक्त [हाई कमिश्नर ] बनाकर भेज दिया . और उस ज़माने मे नेहरु ट्रंककाल से एडविना से फोन पर घंटो बाते करते थे और उसका बिल इन्डियन हाई कमीशन चुकाती थी |
फिर जब ये मामला ब्रिटेन के कई अखबारों मे खूब उछला तो नेहरु ने कृष्ण मेनन को भारत वापस बुलाकर केंद्रीय केबिनेट रक्षामंत्री बना दिया जबकि उस समय मेनन संसद के किसी भी सदन का सदस्य तक नही था..
असल मे मेनन नेहरु के सारे राज जनता था इसलिए वो नेहरु को पूरी जिंदगी ब्लैकमेल करता रहा और इस देश को लुटता रहा और इस देश को चीनकी लड़ाई मे उसने ही हरवाया |
आज भी कुछ जानकर लोग गुजरात के एक नेता को जो आज गाँधी खानदान का काफी करीबी है और जिसकी जनाधार तकनही है उसके खुद के शहर मे कांग्रेस खत्म हो गयी है फिर भी वो आज गाँधी खानदान का सबसे बड़ा करीबी है ..उसके बारे मे भी यही चर्चा उठती है कि ये भी मेनन की तरह ब्लैकमेल करके ही आज इस देश को लूट रहा है ..
मित्रों , आजकल आप किसी भी चैनेल पर डिस्कशन मे सेना के पूर्व जनरलो का बयान देखिये ..सभी एक सुर मे यही बात कह रहे है कि आज देश मे वही हालात पैदा हो गए है जो १९६२ मे नेहरु ने किये थे .अपने करीबी लोगो को इस देश को लूटने देते रहे और दुश्मन ने हमला कर दिया |

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Posted by on Apr 29 2012. Filed under इतिहास. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

1 Comment for “सच मे .. कांग्रेस इस देश को बेच कर ही दम लेगी”

  1. You are my breathing in, I possess few web logs and occasionally run out from brand :). “Truth springs from argument amongst friends.” by David Hume.

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