Donation (non-profit website maintenance)

Live Indian Tv Channels

इस महिला ने अकेले ही दे दी थी भारत की सबसे ताकवर प्रधानमंत्री को चुनौती

gayatri devi

gayatri devi

gayatri devi

 

जयपुर। उनका नाम दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में शामिल हैं। उनकी लाइफस्टार हर किसी के आकर्षण का केंद्र रही। उनका हर अंदाज बेहद जुदा था। उन्होंने उस समय इंदिरा गांधी का विरोध किया जब इंदिरा देश की सबसे ताकतवर महिला थी, लेकिन इस विरोध की कीमत भी उन्हें चुकानी पड़ी। आपातकाल के दौरान जयगढ़ किले आयकर विभाग का छापा पड़ा।
कहा जाता है कि इस किले में मुगल काल का खजाना छिपाया गया था। ये बात कितनी सच है ये तो कोई नहीं जानता और आपातकाल के दौरान आयकर विभाग के हाथ क्या लगा ये भी एक गहरा रहस्य है। लेकिन अफवाहें बहुत सी हैं कहा तो यहां तक जाता है कि आपातकाल के दौरान इस खजाने को ट्रकों में भर कर दिल्ली ले जाया गया था।
3608_15

 

हम बात कर रहे हैं जयपुर की पूर्व महारानी गायत्री देवी की, बात 1975-76 की है जब देश में आपात काल लागू हुआ था। गायत्री देवी ने इसकी आलोचना की तो उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी इससे नाराज हो गई थी। आयकर अधिकारियों ने जयपुर राजघराने के महलों और किलों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। कई सारे किलों की तलाशी के लिए सेना भी उतारी गई। लंबे समय तक तलाशी चलती रही। उस समय यह मामला खूब चर्चा में रहा था। इसका जिक्र गायत्री देवी ने अपनी किताब  A princess Remembers में भी किया हैं।

 

जिस किले पर आयकर विभाग के छापे की बात की जाती है वह जयगढ़ का किला जयपुर में आमेर के पास स्थित है। नाहरगढ़ जाते समय पहाड़ी से एक रास्ता जयगढ़ की तरफ उतरता है। इस किले का निर्माण राजा जयसिंह (द्वितीय) ने कराया था।
मानसिंह ने खजाने को अकबर को सौंपने के बजाय अपने पास ही रख लिया। इस घटना के बाद ये चर्चा चलने लगी कि राजघराने ने खजाने को कहीं छिपाकर रखा है। जयगढ़ किले के निर्माण के बाद कहा जाने लगा कि इसमें बनी पानी की विशालकाय टंकियों में सोना-चांदी और हीरे-जवाहरात छिपा कर रखे गए हैं।

 

जयगढ़ किले में खजाने के छिपे होने की चर्चा आजादी के बाद भी चलती रही। इस समय जयपुर राजघराने के प्रतिनिधि राजा सवाई मान सिंह (द्वितीय) और उनकी पत्नी गायत्री देवी थे। ‘स्वतंत्र पार्टी’ के सदस्य होने के चलते ये दोनों लोग कांग्रेस के विरोधी थे।
गायत्री देवी के हाथों जयपुर से कांग्रेस के प्रत्याशी को लोकसभा चुनाव में तीन बार मात खानी पड़ी थी। लिहाजा इंदिरा गांधी और कांग्रेस से राजघराने के संबंध बेहद खराब हो गए थे।

 

1975 में जब देश में आपातकाल लागू हुआ तो राजघराने की महारानी गायत्री देवी ने इसका खुलकर विरोध किया। गायत्री देवी के विरोध का परिणाम यह हुआ कि इंदिरा गांधी ने आयकर विभाग को राजघराने की संपत्ति की जांच के आदेश दे दिए।
महलों और किलों में जांच करने के लिए आयकर विभाग ने सेना की मदद ली। जयगढ़ किले में खजाना ढूंढऩे के लिए सेना की टुकड़ी ने दिन रात एक कर दिया। लगभग तीन महीने तक सेना ने जयगढ़ किले को खंगाला।
इस अभियान के समाप्त होने के बाद सरकार ने बताया कि किले से किसी भी तरह की संपत्ति नहीं मिली। हालांकि बाद में सेना के भारी वाहनों को दिल्ली पहुंचाने के लिए दिल्ली जयपुर राजमार्ग तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया, तो इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया कि सेना के वाहनों में राजघराने का खजाना है।

 

इस बात की कभी पुष्टि नहीं पाई कि दिल्ली-जयपुर राजमार्ग से सेना के वाहनों में क्या भरकर ले जाया गया? ये रहस्य अब भी बरकरार है…लेकिन गायत्री देवी ने अपनी किताब में आयकर विभाग की कार्रवाई को स्वीकार किया है।
Source :  bhaskar.com

Short URL: http://jayhind.co.in/?p=2217

Posted by on May 23 2013. Filed under सच. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

Leave a Reply

*

Recent Posts

Photo Gallery