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नवाज ने PM को ‘देहाती औरत’ कहकर अपमान किया: नरेंद्र मोदी

 

Lakhs converge to listen to Narendra Modi

नवाज ने PM को ‘देहाती औरत’ कहकर अपमान किया: नरेंद्र मोदी

दिल्ली के रोहिणी में बीजेपी की चर्चित रैली में पार्टी के पीएम कैंडिडेट और गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ के एक ‘ऑफ द रेकॉर्ड’ बातचीत में भारतीय पीएम मनमोहन सिंह को कथित तौर पर ‘देहाती औरत’ कहे जाने पर शरीफ को आड़े हाथों लिया, तो साथ ही इसके लिए राहुल को ही जिम्मेदार भी ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि देश में ‘शहजादे’ ही पीएम की पगड़ी उछाल रहे हों, तो विदेशी उनकी क्या इज्जत करेंगे।

पीएम को ‘देहाती औरत’ कहना भारत का अपमान 
मोदी ने अपने भाषण में मनमोहन को ‘देहाती औरत’ कहे जाने वाली बात पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘मुझे एक बात का बड़ा दुख है। मेरे दिल पर इससे चोट लगी है। शनिवार को पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने कुछ पत्रकारों को नाश्ते बुलाया था। इसमें भारतीय पत्रकार भी थे। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि भारत के पीएम ‘देहाती औरत’ जैसे हैं। हम भारत में आपस में भले ही लड़ते हों, लेकिन नवाज शरीफ की भारत के पीएम को ऐसे शब्द कहने की क्या औकात है। आप मेरे देश के पीएम को देहाती औरत कहकर संबोधित करते हैं। शरीफ कहते हैं ओबामा के पास मनमोहन सिंह मेरी शिकायत करते हैं। हिंदुस्तान का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। मैं वहां बैठकर नवाज शरीफ की मिठाई खाने वाले भारतीय पत्रकारों से पूछना चाहता हूं कि जब वह हमारे पीएम को गालियां दे रहे थे, तब उन्होंने उनकी मिठाई को ठोकर क्यों नहीं मारी। जो भी पत्रकार वहां थे उन्हें इसका जवाब देना चाहिए।’

राहुल ने किया पीएम का अपमान

मोदी ने इसके लिए राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि दरअसल नवाज शरीफ को यह हिम्मत इसलिए आई क्योंकि भारतीय पीएम का घर में ही अपमान किया गया। उनकी सरकार के अध्यादेश को बकवास कहा गया। राहुल ने उनकी पगड़ी उछाली है। देश में ही अपमान करेंगे तो बाहर वालों क्या इज्जत करेंगे। उन्होंने पीएम और नवाज की रविवार शाम होने वाली मुलाकात के बारे में ताना मारते हुए कहा कि देश को शक है कि वह ऊंची आवाज में बोल पाएंगे या नहीं। उन्होंने कहा पीएम से भारतीय माओं के इच्छा है कि वह पाकिस्तानी पीएम से मुलाकात के दौरान भारत के जवानों के कटे सिर लौटाने की बात भी करें।

ओबामा के सामने गिड़गिड़ाए मनमोहन
मोदी ने अमेरिका दौरे पर गए पीएम पर ओबामा के सामने गरीबी को लेकर गिड़गिड़ाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पीएम ने उन फिल्म वालों की तरह काम किया है, जो भारत की गरीबी को दिखाकर अवॉर्ड जीतते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह उनका ‘स्टेट ऑफ माइंड’ है?

‘शहजादा’ चाहिए या संविधान
मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को ‘शहजादा’ कहकर संबोधित करते हुए कहा कि आज परिवारशाही और लोकशाही के बीच युद्ध छिड़ा हुआ है। परिवारशाही लोकशाही का गला घोंटने पर उतारू है। परिवारशाही लोकशाही को दबोचने के लिए उतारू है। आज देश इस मोड़ पर खड़ा है कि यह तय करना होगा कि देश संविधान से चलेगा या फिर शहजादे की इच्छा से। शहजादे पीएम की पीएम की पगड़ी उछाल रहे हैं। 2014 में देश को ड्रीम टीम चाहिए, डर्टी टीम नहीं।

शासक बनने के सपने नहीं देखता
मोदी ने कहा, ‘मैं मन से न कभी शासक था, न शासक हूं और न शासक बनने के सपने देखता हूं। मैं बस सेवक हूं। मैं पहले भी सेवक था, कल भी सेवक रहूंगा।’ इस दौरान उन्होंने अपनी कहानी भी सुनाई। उन्होंने कहा, ‘अब मैं अपनी बात करना चाहता हूं। भारत के लोकतंत्र की ताकत देखिए, उदारता देखिए कि जो इंसान रेलवे के डिब्बे में चाय बेचकर अपना गुजारा करता था, ऐसे गरीब परिवार के बच्चे को आज आपने यहां बिठा दिया। 2014 में देश को ड्रीम टीम की जरूरत है। यूपीए सरकार के पास कोई विजन नहीं है। इसके कार्यकाल के सारे बजट देख लीजिए, तारीख बदलते हैं, नारे बदलते हैं, लेकिन अंदर का सारा माल वही है।

रोजगार देने में नाकाम सरकार 
उन्होंने यूपीए सरकार पर विजन की कमी का आरोप भी लगाया। मोदी ने कहा, ‘आज दुनिया तेज गति से आगे जा रही है, लेकिन हम ही तेज गति से पीछे जा रहे हैं। आज देश हंसी-मजाक का कारण बन गया है। आज देश के नौजवानों को रोजगार चाहिए। वह मेहनत करने और जान की बाजी लगाने को तैयार हैं, लेकिन यूपीए सरकार रोजगार देने में नाकाम रही है। अटल जी की सरकार ने छह साल में छह करोड़ रोजगार दिए। यूपीए की सरकार में 2004 से 2009 में महज 27 लाख को रोजगार मिला। क्या कांग्रेस की सरकार में देश के नौजवानों का भविष्य सुरक्षित है?’

सरकारों के बोझ से दबी दिल्ली
नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में शीला सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। मोदी ने कहा कि दिल्ली सरकारों के बोझ के तले दबी हुई है। दिल्ली में कई सरकारें हैं। दिल्ली में मां की सरकार, बेटे की सरकार है, तो नई दिल्ली में भी कई सरकारें हैं। मां की भी सरकार है, बेटे की भी एक सरकार है, गठबंधन की भी सरकार है। दिल्ली की सरकार के पीएम सरदार हैं, लेकिन असरदार नहीं हैं। वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार में सभी दल साथ-साथ थे, लेकिन यूपीए में सभी अपनी-अपनी दिशा में चल रहे हैं। जिससे देश पिछड़ रहा है।

शीला पर निशाना
मोदी ने अपने भाषण में शीला सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत में कोई सबसे सुखी सीएम हैं तो दिल्ली की सीएम हैं। रिबन काटने के सिवा उनके पास कोई काम नहीं है। न सिंचाई, न मछुआरों कि चिंता है। सड़क पर गड्ढे हैं तो नगर निगम को दोष दे दिया और बाकी के लिए केंद्र को दोषी ठहराया दिया। दिल्ली की सीएम दिल्ली में बच्ची से रेप के बाद दुख जताती हैं। शीला कहती हैं कि वह भी मां हैं, लेकिन मां के नाते सलाह देती हैं कि लड़कियों को जल्दी घर लौट आना चाहिए। उनके पास कोई काम नहीं है। दोष ऊपर दे दो या नीचे दे दो, यही उनका कारोबार है।

कॉमनवेल्थ गेम्स से इज्जत लुटी
मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले के लिए दिल्ली और केंद्र सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की वजह से देश की इज्जत लुटी। चीन ने ओलिंपिक खेलों से अपनी ताकत दिखाई, लेकिन हमने मौका गंवा दिया।

सरकार की ‘शराबी’ जैसी लत
मोदी ने कहा, ‘आए दिन सुप्रीम कोर्ट भारत सरकार को करप्शन के मुद्दों पर कठोर से कठोर शब्दों का इस्तेमाल करता है, लेकिन केंद्र को वैसी ही आदत हो गई है कि जैसे किसी शराबी को शराब पीने की लत लग जाती है। वह बंद नहीं होता।’ मोदी ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि एक बार एक शराबी सुबह से ही बोतल खोलकर बैठक गया। इत्तेफाक से उस दिन के अखबार में शराब के नुकसान बताए गए थे। बीवी ने जब देखा तो कहा कि इसे पढ़िए। अब बंद कीजिए तो शराबी ने दूसरे दिन क्या किया अखबार ही बंद कर दिया। बीवी ने तो कहा था कि बंद कर दो।

गांधी भक्ति में डूबी सरकार
मोदी ने कहा कि इस सरकार का एक ही मकसद है, गांधी भक्ति करना। गांधी छाप नोटों की भक्ति। इस नई गांधी भक्ति में यूपीए डूबा हुआ है। टनों में नोटों का गोलमाल हो रहा है।

बीजेपी के पास विजय ही विजय
मोदी ने अपने भाषण के शुरुआत में कहा कि दिल्ली एक ऐसा प्रदेश है जहां भारतीय जनता पार्टी के पास विजय ही विजय है। विजय गोयल, विजय मल्होत्रा, विजेंद्र गुप्ता ऐसे कई नेता बीजेपी के पास हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के इतिहास में इतना बड़ा कार्यक्रम नहीं देखा गया होगा। मोदी ने दिल्ली में गरजते बादल का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मैं वरुण देवता का आभार प्रकट करता हूं कि उनकी कृपा से ही चमचमाती धूप से राहत मिली है और मौसम ने ऐसा सुंदर रूप लिया है।

सरकार का एक ही मजहब
मेरे लिए सरकार का एक ही मजहब होता है। सरकार का एक ही धर्म होता है। और वह मजहब होता है नेशन फर्स्ट। सरकार का एक ही धर्म होता है। वह है भारत का संविधान। सरकार की एक ही भक्ति होती है भारत भक्ति। सरकार की एक ही शक्ति होती है सवा सौ करोड़ की जन शक्ति है। सरकार की एक ही कार्यशैली होती है, सबका साथ, सबका विकास। मोदी ने अपने भाषण भी पीएम पर ताना मारते हुए खत्म किया। उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, ‘भारत के पीएम को अमेरिका में ताकत मिले उन्हें हौसला मिले, ऐसी ताकत से वंदेमातरम बोलिए। ‘

Source : indiatimes

Short URL: http://jayhind.co.in/?p=3195

Posted by on Sep 29 2013. Filed under खबर. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

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