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देश को एक्ट नहीं एक्शन चाहिए : नरेंद्र मोदी

Nation does not need Acts, but action: Narendra Modi

Nation does not need Acts, but action: Narendra Modi

 


नयी दिल्ली : गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कांग्रेस नीत यूपीए सरकार और इशारों-इशारों में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस देश को एक्ट नहीं एक्शन चाहिए.

एक पत्रिका द्वारा आयोजित कांफ्रेंस में मोदी ने करीब 40 मिनट के अपने भाषण में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर उनकी कथित निष्क्रियता और चुप्पी पर खूब हमला बोला. उन्होंने परोक्ष रूप से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘देश को अधिनियमों (एक्ट) की जरूरत नहीं है, उसे कार्रवाई (एक्शन) की जरूरत है.’

कांफ्रेंस में `विकास का नमो मंत्र` विषय पर अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि देश के विकास के लिए इच्छाशक्ति का होना सबसे जरूरी है. देश के विकास के लिए जनांदोलन जरूरी है. देश के विकास के लिए मानसिकता बदलना जरूरी है. मोदी ने कहा, `हमें अपनी चीजों पर गर्व होना चाहिए. गुजरात ने अपने संसाधनों पर गर्व किया. गुजरात ने अपने उपलब्ध साधनों से प्रदेश का विकास किया. मेरा मानना है कि गुजरात ने जो किया वह देश भी कर सकता. गुजरात ने एक उदाहरण पेश किया है.`

मोदी ने कहा कि विकास के लिए एक लक्ष्य होना चाहिए. इसके लिए सरकारी काम में बदलाव लाने की जरूरत है. जनता और सरकार में तालमेल का होना जरूरी है. ये नहीं चलेगा कि पांच साल एक सरकार चले और अगले पांच साल कोई और सरकार. इस मामले में गुजरात ने डेमोक्रेसी की नई परिभाषा पेश की है. देश के अन्य राज्यों में भी इस तरह की स्थितियां बनानी होंगी. प्रजातंत्र का मतलब सिर्फ पांच साल नहीं होना चाहिए.

भारत के पुनरुत्थान की अपनी योजना के हिस्से के तौर पर मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करना और सुशासन उनके मंत्र हैं और ये ही देश को बदल सकते हैं. उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी भ्रष्टाचार को हटाने में मदद कर सकती है. मोदी ने यह भी कहा कि कार्यकाल में स्थिरता ही सुशासन की सफलता है.

तीसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने मोदी से जब पूछा गया कि आगामी आम चुनाव के लिए भाजपा किसे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर सामने ला रही है ? उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानकर खुशी होनी चाहिए कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से चलाई जाती है जहां निर्णय लोकतांत्रिक तरीके से उसकी संसदीय समिति द्वारा लिए जाते हैं किसी एक परिवार के आधार पर नहीं.’ उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए यह बात कही.

मोदी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यदि गुजरात मॉडल बेहतर है तो उसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है. मुझे वहां आने की जरूरत नहीं है.’ नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लोग उदाहरणों से सीखना और सफलता हासिल करना चाहते हैं और उनके लिए दिल्ली आना आवश्यक था, ताकि सफलता के गुजरात मॉडल को केंद्र में दोहराया जा सके. जब पूछा गया कि भाजपा में कौन उन्हें दिल्ली आने से रोक रहा है तो उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में जवाब दिया, ‘मैं दिल्ली में बैठा हूं. यदि किसी ने मुझे रोका होता तो मैं यहां कैसे बैठा होता.’

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बनने की इच्छा पर किए गए सवालों से आज किनारा करते नजर आए और कहा कि उन्होंने कभी मुख्यमंत्री बनने का सपना भी नहीं देखा था. यह पूछने पर कि क्या वह प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, मोदी ने कहा, ‘मैंने जीवन में कुछ बनने का सपना कभी नहीं देखा. मैंने हमेशा कुछ करने की कोशिश की. ज्यादातर लोग कुछ बनने का सपना देखते हुए मर जाते हैं. मैं इस पर कभी नहीं चला.’

उन्होंने कहा, ‘जब तक मैं मुख्यमंत्री नहीं बना था मैंने वहां पहुंचने का सपना नहीं देखा था. मैं कभी किसी ज्योतिषी से भी नहीं मिला जिसने मुझे कहा हो कि मैं मुख्यमंत्री बनूंगा.’ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसी को ‘बनने’ का नहीं ‘करने’ का सपना देखना चाहिए.

जानिए कॉनक्‍लेव में मोदी से जुड़ा पल-पल का LIVE अपटेड…


-मसला उठा कि हमारे देश का रक्षा बजट बहुत ज्‍यादा है. हमारे देश का 70 फीसदी हथियार विदेश से आता है. इस बारे में नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरा सपना है कि हम रक्षा के काम में आने वाले हथियारों के सप्‍लायर बनें, बायर न बनें. ऐसा पूरी तरह संभव है.
-आफत को अवसर में बदला जा सकता है.
-पाकिस्‍तान से जुड़े सवाल के जवाब में मोदी ने कहा, हमारे देश का सभी पड़ोसी देशों से अच्‍छे संबंध होने चाहिए, लेकिन देशहित की कीमत पर नहीं.
-21वीं सदी ज्ञान की सदी है. अब हिंदुस्‍तान का बच्‍चा-बच्‍चा कम्‍प्‍यूटर पर हाथ चला रहा है.
-सवाल पूछा गया कि आपको दिल्‍ली आने से किसने रोका है. मोदी ने जवाब दिया, मैं तो दिल्‍ली में ही बैठा हूं, मुझे -दिल्‍ली आने से किसी ने नहीं रोका है.
-मोदी ने कहा, न तो मैं इतना वयोवृद्ध हूं, न ही तपोवृद्ध हूं कि किसी को सलाह दे सकूं. लेकिन हमें देश के लिए जीना चाहिए.
-हिंदुस्‍तान में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्‍य गुजरात है.
-नरेंद्र मोदी ने कहा गुजरात में औद्योगिक विकास की दर सबसे ज्‍यादा है.
-हम गुजरात में कुपोषण की समस्‍या से उबरने में सक्षम हैं.
-कुपोषण के बारे में मुझे सच बोलने की सजा मिली. मेरी बात को गलत समझा गया. गुजरात में कुपोषण दूर करने में काफी सफलता मिली.
-अच्‍छे परिवारों में भी इस तरह की दिक्‍कत है.
-मैंने कहा था कि कुपोषण का एकमात्र कारण गरीबी ही नहीं है. मां-बाप बच्‍चे को दूध पिलाना चाहते हैं, लेकिन बच्‍चे नहीं सुनते.
-नरेंद्र मोदी ने कहा, गीव एंड टेक का काम बंद होना चाहिए.
-नरेंद्र मोदी से पूछा गया, पार्टी को चुनाव के लिए चंदे की जरूरत होती है. वह कहां से आएगा.
-पहले एडमिशन में धांधली होती थी, अब कम्‍प्‍यूटर के इस्‍तेमाल से करप्‍शन बंद हो गया.
-मेरे राज्‍य में ट्रांसफर उद्योग पूरी तरह बंद हो गया है. इससे जवाबदेही आई है. इससे कई समस्‍याएं निपट जाती हैं.
-आज हम अपनी युवा शक्ति को गंवा रहे हैं.
-नरेंद्र मोदी ने कहा, सबसे बड़ी समस्‍या तो हम खुद ही होते हैं.
-नरेंद्र मोदी से पूछा गया, सबसे बड़ी तीन समस्‍याओं के बारे में बताएं.
-नरेंद्र मोदी से पूछा गया कि क्‍या आप प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं. उन्‍होंने कहा, मेरा मानना है कि जीवन में कभी भी बनने के सपने मत देखो, कुछ करने के सपने देखो.
-नरेंद्र मोदी से सवाल-जवाब का सत्र शुरू हुआ.
-नरेंद्र मोदी ने अपना संबोधन समाप्‍त किया.
-अगर कोई अच्‍छा व्‍यक्ति प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा, तो हमारे सुझावों पर गौर करेगा.
-रेगिस्‍तान में सोलर-प्‍लांट बनाया जाए, जिससे ऊर्जा तो मिलेगी ही, घुसपैठ भी रुकेगी.
-ऐसे देशों का एक संगठन बनाया जाए, जिनके पास भरपूर सौर-ऊर्जा है. इससे ऊर्जा की दिशा में बड़ी तरक्‍की हो सकती है.
-विकास के लिए लीक से अलग हटकर सोचने की जरूरत.
-धार्मिक स्‍थल के लिए स्‍पेशल ट्रेनें चलाई जाएं, इससे फायदा होगा.
-जैसे शिवभक्‍त हों, तो ट्रेन को वैसा ही रूप दे दिया जाए.
-रेलवे में परिक्रमा ट्रेन की शुरुआत हो, वह भी प्राइवेट, सिर्फ पटरी ही हो सरकारी.
-रेल बजट का विकास से कोई नाता नहीं है. रेल की पटरी पर सरकारी पहिया की क्‍यों घूमती रहे.
-नरेंद्र मोदी ने चुटकी ली, जनता का फैसला आखिरी होता है…
-शहरों के आसपास सब्जियों के उत्‍पादन से किसानों को भी फायदा होगा, नगरवासियों को कम कीमत में सब्जियां मिलेंगी.
-आदिवासियों की मदद के लिए काम किया. गुजरात में रबरा वृक्षारोपण का काम बड़े स्‍तर पर हो रहा है. आदिवासियों को इस काम से जोड़ा गया.
-हमारे पास लोकतंत्र की बड़ी ताकत है.
-विचारों को संस्‍थागत रूप देने की जरूरत है. इससे स्‍थाई रूप से फायदा होता है.
-तकनीक की मदद से गुजरात में पारदर्शिता आई.
-भ्रष्‍टाचार से निपटने में तकनीक की अहम भूमिका हो सकती है.
-चेक पोस्‍ट की निगरानी से गुजरात को 2000 करोड़ का फायदा हुआ.
-सार्वजनिक वितरण प्रणाली की 50 फीसदी दुकानें महिलाओं की दी गईं.
-जनता की हर तरह की समस्‍याएं सुलझाए गए, सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार किए गए.
-गुजरात की जनता अधिकारियों से कहती है, काम करते हो या नहीं, अगर नहीं, तो मैं ऑनलाइन जाता हूं.
-गुजरात में स्‍कूल जाने की उम्र वाला हर बच्‍चा स्‍कूल जाता है. इसके लिए स्‍कूलों के कमरे बनाए गए.
-गुजरात को कर वसूली में 98 प्रतिशत कामयाबी मिली.
-देश को एक्‍ट नहीं, एक्‍शन की जरूरत है.
-मैं नौकरशाहों से पूछता हूं कि जो अच्‍छे से अच्‍छा हुआ है, वह हमें बताएं.
-अच्‍छी नौकरशाही की दिशा में गुजरात ने काम किया है.
-गुजरात में नदियों का अभाव, इसके बावजूद पानी की समस्‍या दूर की गई.
-विकास के लिए एक लक्ष्‍य होना जरूरी है.
-जनता और सरकार मिल-जुलकर देश की तरक्‍की के लिए आगे आएं, यही लोकतंत्र है.
-किसानों की तरक्‍की के लिए ‘सुलजाम् सुफलाम्’ योजना चलाई गई.
-टैक्‍स अदा करने के लिए नया तरीका अपनाया. मैंने कहा कि टैक्‍स न देने पर ढोल बजाने वाले आएंगे, जिससे पूरे मोहल्‍ले को यह पता चल जाएगा. इससे टैक्‍स में बहुत बढ़ोतरी हुई.
-विकास के लिए जनांदोलन की जरूरत है.
-विकास के काम से जब जनता जुड़ती है, तभी वास्‍तविक तरक्‍की होती है. यूपीए सरकार जनता से कट गई है.
-नरेंद्र मोदी ने संबोधन के दौरान महात्‍मा गांधी का उल्‍लेख किया.
-मोदी ने कहा, गुजरात ने जो किया, वह पूरा देश कर सकता है.
-रोजगार गारंटी स्‍कीम की जगह इसका नाम होना चाहिए विकास गारंटी स्‍कीम: नरेंद्र मोदी.
-नरेंद्र मोदी ने कहा, वर्ल्‍डकप में विजय मिलने पर गर्व का भाव होता है, तो क्‍या यह स्‍थाई हो सकता है. गुजरात के लोगों में गुजराती होने का स्‍थायी भाव आ चुका है.
-नरेंद्र मोदी ने कहा, मुझे जो विषय दिया गया है, वह है नमो मंत्र देश में भी काम आ सकता है या नहीं.
-नरेंद्र मोदी ने गुजरात के विकास पर आधारित फिल्‍म दिखलाई.
-विकास के मसले पर होने जा रहा है नरेंद्र मोदी का संबोधन.
-गुजरात में बच्‍चे स्‍कूल नहीं छोड़ते हैं, शिक्षा के क्षेत्र में तरक्‍की.
-गुजरात में भूजल स्‍तर में काफी बढोतरी हुई.
-गुजरात में गांव-गांव तक पहुंचा पेयजल, शहरीकरण में भी अव्‍वल.
-इंडिया टुडे कॉनक्‍लेव में गुजरात की उपलब्धियों पर फिल्‍म दिखाई जा रही है.
-नरेंद्र मोदी ने कहा, पहले एक खास तरह की फिल्‍म देखते हैं, फिर आगे बात करेंगे.
-इंडिया टुडे ग्रुप के प्रेसीडेंट व एडिटर इन चीफ अरुण पुरी ने नरेंद्र मोदी का स्‍वागत किया.

 

 

Gujarat Chief Minister Narendra Modi today parried questions on whether he wanted to become the Prime Minister, saying he had never even dreamt of becoming the Chief Minister.

“I have never dreamt of becoming someone in life. I have always tried to do something. Mostly people dream of becoming someone and die. I have never followed this.

“Till I had become Chief Minister, I had never dreamt of becoming so. I have never even met an astrologer to tell me that I will become a Chief Minister,” Modi said in answer to a question on whether he wanted to become Prime Minister and instead said one should not dream to “be” but to “do”.

“I feel if Gujarat model is good, it can be implemented in the country. I don’t need to come there,” he said at the India Today Conclave.

He said all people want to do was learn from examples and achieve success and it was necessary for him to come to Delhi as Gujarat’s model of success can be replicated at the Centre.

When asked who in the BJP was stopping him from coming to Delhi, Modi gave a humorous touch to his reply. “I am sitting in Delhi. If someone had stopped me, how could I be sitting here.”

The three-time Gujarat Chief Minister, who is projected as BJP’s Prime Ministerial face ahead of the next general elections, said people should be happy to note that the party runs in a democratic way where decisions are taken democratically by its Parliamentary Board and “not on the basis of one family”, a veiled reference to the Nehru-Gandhi family.

As part of his plans for India’s resurgence, Modi said removal of corruption and good governance were his mantras that could turn the nation around and said technology can help eradicate corruption. He also said stability of tenure is the success to good governance.

Modi, in his over half-an-hour speech, hit out at Prime Minister Manmohan Singh for his alleged inaction and for remaining silent and launched a veiled attack on Congress Vice President Rahul Gandhi for rolling up his sleeves to remind the people that his party was bringing in legislations to empower them.

“The nation does not need Acts, it needs action,” he said.

Modi refused to answer any questions related to the 2002 post-Godhra riots, saying the Supreme Court has given its view on the issue and so have the people.

On being pressed further whether he would express regret as the riots took place when he was in power, Modi insisted that he had spoken enough on the issue and that he need not speak on the subject any more.

“I have said what I had to say. You can go into the records. If I do not speak on the matter, it would do. I am not afraid. Otherwise, I would not have come here. I have seen enough of your tactics but still I come here,” he said.

Asked to comment on a perception that he was seen as a divisive figure, Modi said he has had no such experience as he went about his daily business.

“My work is my USP. I have to take it forward. I don’t think there is anything wrong in me that I need to change,” Modi said.

However, he said he was open to suggestions if people felt he needed to change.

“If there are any shortcomings in my style of functioning. If I feel there are or if somebody points them out to me, I will change, because I have to work for the people. I have to take them along. But, I don’t think there is anything wrong in my USP which needs to be changed,” he said.

Asked if allies will stay away where Muslim votes are involved, Modi said “these are topics on which 24-hour news channels are run. The country does not run on these issues, your channels do. There are different ways and means to run a country. These calculations do not matter.”

Short URL: http://jayhind.co.in/?p=1740

Posted by on Mar 17 2013. Filed under खबर, वीडियो. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

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