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Rescue operation in Uttarakhand after flood : पैसों की बर्बादी: गलत ऐड देकर उत्‍तराखंड सरकार ने बर्बाद किए जनता के लाखों रुपये

Rescue Operation In Uttarakhand After Flood

Rescue Operation In Uttarakhand After Flood

नई दिल्ली/देहरादून. उत्‍तराखंड में कुदरत का कहर जारी है। देवप्रयाग के भोंटमरोड़ में बादल फटने से तीन लोग बह गए हैं और कई महान क्षतिग्रस्‍त हो गए हैं। बादल फटने से टिहरी-गंगोत्री राजमार्ग बंद हो गया है। इस वजह से कई यात्री फंसे हैं। राज्‍य में कई स्‍थानों पर मौसम अब भी खराब है जबकि कुछ जगहों पर धूप खिली है। बारिश के चलते राहत एवं बचाव कार्य में बाधा आ रही है। सेना के प्रवक्‍ता का कहना है कि हवाई मार्ग से रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन शुरू हो गया है। जिन इलाकों में हेलिकॉप्‍टर से पहुंचना मुश्किल हो रहा है, वहां लाशों की तलाश के लिए ड्रोन विमान भेजे गए हैं। उत्‍तराखंड सरकार का कहना है कि आपदाग्रस्‍त इलाकों में करीब छह हजार लोग अब भी फंसे हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से राज्‍य में ‘रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन’ तेज करने को कहा है।
उत्‍तराखंड में आई आपदा के बाद हर कोई मदद के लिए आगे आ रहा है। यहां तक कि कूड़ा बीनने वाले बच्‍चे भी 20 हजार रुपये की मदद कर रहे हैं लेकिन प्रदेश सरकार विज्ञापनों पर पैसे की बर्बादी कर रही है। उत्‍तराखंड सरकार सूबे के लोगों को यह बताने के लिए कि वह मुसीबत की इस घड़ी में उनके साथ है, अखबारों में विज्ञापन दे रही है। यह विज्ञापन उत्‍तराखंड ही नहीं बल्कि देश भर के अखबारों में दिया जा रहा है। विज्ञापन राज्‍य के मुख्‍यमंत्री विजय बहुगुणा की तरफ से है लेकिन इसमें कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तस्‍वीर प्रमुखता से छापी गई है।
विज्ञापन में यह बताया गया है कि उत्‍तराखंड में राहत के लिए अब तक क्‍या किया गया है और आगे सरकार केदारनाथ मंदिर के लिए क्‍या करने वाली है। ऐसे समय में जब पूरा मीडिया सरकार की ओर से दिए गए हर वक्‍तव्‍य को पहले ही प्रमुखता से छाप रहा है तो कई जानकार ऐसे विज्ञापन को ऐसी मुश्किल घड़ी में पैसे की बर्बादी मान रहे हैं। पैसे की बर्बादी विज्ञापन देने में संबंधित सरकारी अफसर की लापरवाही के चलते भी हुई है। विज्ञापन की भाषा में दो मामूली गलतियां थीं। सोमवार को छपे विज्ञापन में एक वाक्‍य था – Uttrakhand Disaster – Relief Measurers. मंगलवार को यही विज्ञापन तमाम अखबारों में दोबारा छपा। इसमें Uttrakhand की स्‍पेलिंग तो सही (Uttarakhand) कर ली गई लेकिन Measures की स्‍पेलिंग गलत ही छपी। माना जा रहा है कि सरकार ने राज्‍य के नाम की गलत स्‍पेलिंग छप जाने से छवि बिगड़ने का खतरा दूर करवाने के मकसद से ही यह विज्ञापन मंगलवार को दूसरी बार छपवाया।
Source : bhaskar.com

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Posted by on Jun 25 2013. Filed under खबर. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

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