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कभी पूजते थे शाहरुख और सलमान खान को, अब भेजा नोटिस

इंदौर, आईनेक्‍स्‍ट। फिल्म स्टार्स के दीवाने तो बहुत देखे होंगे, लेकिन शहर में एक ऐसा भी व्यक्ति है जिसने शाहरूख और सलमान खान की दीवानगी के पीछे बर्बादी के रास्ते पर चलना तक मंजूर कर लिया। मगर फैंस भले अपने स्टार के लिए जान खतरे में डाल दें, सितारे तो दूर से ही चमकते हुए अच्छे लगते।

ये बात जब तक इस अंधप्रशसंक को समझ आई, बहुत देर हो चुकी थी। अब वे अपनी बीमारी, आर्थिंक कमजोरी और समाज से मिल रहे तानों के लिए सिर्फ शाहरूख, सलमान को जिम्मेदार मान रहे हैं। यहीं नहीं उनसे माफी मंगवाने के लिए अब ये फैन अदालत जाने की तैयारी में जुट गए हैं।

‘माय नेम इज खान’ रिलीज हाेने वाली थी

कहानी कुछ यूं है कि इंदौर स्थित श्रीनगर के रहने वाले मोहम्मद हुसैन इंदौरी पिता ईद मोहम्मद किसी समय शाहरुख और सलमान के जबरदस्त फैन थे। उनकी 15 वर्षीय लड़की आयशा इंदौरी शाहरुख की इतनी प्रशसंक कि उसने इस स्टार की एक भी फिल्म नहीं छोड़ी। वहीं 14 वर्षीय पुत्र आफताब इंदौरी फिल्म स्टार सलमान खान का फैन है।special-story-shah-rukh-and-salman-khan-were-once-worshiped-now-notice-sent

कहानी 12 फरवरी 2010 को शुरू हुई, जब शाहरुख खान की ‘माय नेम इज खान’ रिलीज होने जा रही थी। तब पाकिस्तानी खिलाड़ियों के संबंध में शाहरुख द्वारा टिप्पणी करने पर शिवसेना नाराज थी। जिसके चलते महाराष्ट्र में शिवसेना सक्रिय हो गई थी और बाला साहेब ठाकरे व उनके समर्थकों ने फिल्म रिलीज होने से रोक दी थी। विरोध के चलते शाहरुख भी मजबूर थे और कुछ न कर सके थे।

बैनर छपवाकर पुणे निकल गए

तब मीडिया ने सलमान खान से इस बारे में बात की थी तो उन्होंने कमेंट कर दिया था कि देश में शाहरुख के इतने फैंस हैं तो वे आगे क्यों नहीं आते? वे चाहें तो फिल्म रिलीज करवा सकते हैं और शाहरुख की मदद कर सकते हैं। बस, सलमान का यही कमेंट तब हुसैन इंदौरी के दोनों बच्चों के मन में बैठ गया। उन्होंने शाहरुख की मदद के लिए पिता हुसैन से बात की।

इस पर हुसैन भी शाहरुख के पक्ष में मैदान में कूद पड़े। उन्होंने अपनी जमा पूंजी के साथ कारोबार की लाखों रुपए की चल पूंजी इकट्ठा की और इस खर्च से हजारों बैनर-पोस्टर छपवाकर पुणे निकल गए। इन बैनरों पर हुसैनी ने श्री ठाकरे से मांग करते हुए लिखा गया था कि बाबा साहेब आप अच्छे नेता और अच्छे इंसान हैं। आपके बलिदानों की बदौलत ही महाराष्ट्र की संस्कृृति और संस्कार जिंदा हैं। कृृपा करके ‘माय नेम इज खान’ को रिलीज होने दें।

जब पहुंचे शाहरुख के बंगले पर

करीब 200 से अधिक बैनर लेकर हुसैन इंदौरी बांद्रा स्थित शाहरुख के बंगले पहुंच गए। उनकी दीवानगी देख शाहरुख के गार्ड ने बैनर-पोस्टर को अपने पास गोडाउन की तरह रख लिए। हुसैन यहां से रोज बैनर ले जाते और शहर में चिपकाते।

हादसे ने बदल दिया रुख

पोस्टर चिपकाने के इसी दौर में एक हादसा हो गया। 13 फरवरी 2010 को पिन्त्री चौक पुणे पर जब हुसैन एक दुकान के बाहर मुड्डे पर खड़े होकर पोस्टर चिपका रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और कमर में गंभीर चोट आई। आठ-दस दिन बाद जब तकलीफ बढ़ी तो वे पुणे के डिवाई अस्पताल पहुंचे। एक्सरे रिपोर्ट में पता चला कि फ्रैक्चर हो गया है और वे अब रॉड डलने के बाद ही चल-फिर सकेंगे।

उस समय इंदौर के पेट में तकलीफ होने के कारण डॉक्टर ने 15 दिन बाद ऑपरेशन करने को कहा। तब वहीं के कुछ मरीजों ने समझाइश दी कि इस अस्पताल में तो स्टूडेंट प्रेक्टिस करते हैं इसलिए सफल इलाज की उम्मीद न करें। यह सुनकर इंदौरी अन्य अस्पताल चले गए। यहां लाखों रुपए खर्च होने की बात से इंदौरी ने इलाज नहीं करवाया और बिरला अस्पताल गए। वहां ढाई लाख रुपए में इलाज संभव हो पाया। इंदौरी का इलाज हुआ तो उन्होंने शाहरुख से मिलकर अपनी समस्या बताने की ठानी।

छोड़ना पड़ती बच्चों को पढ़ाई

इंदौरी का कहना है कि कभी वे अपने बच्चों की सालाना तीस हजार रुपए स्कूल फीस भरते थे, लेकिन किस्मत के ऐसे थपेड़े पड़े कि वे तीन हजार रुपए सालाना भी नहीं भर पाए। मजबूरी में उनका स्कूल छुड़ाने तक को तैयार हो गए थे। तब स्कूल प्रिंसिपल ने होनहार बच्चों की फीस भरकर उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद की।

पहले कट्टर फैन, अब हैं नाराज

19 अगस्त 2014 को इंदौरी सलमान खान से मिलने पहुंचे। इस वक्त इंदौरी का पुत्र आफताब भी साथ था। इंदौरी ने सलमान को खुश करने वाला एक लेख भी लिखा था, जो ‘हिट एंड रन’ मामले से जुड़ा था। गौरतलब है कि सलमान पर ‘हिट एंड रन’ का केस मुंबई की अदालत में विचाराधीन है। सुरक्षा गार्ड को लेख पसंद आया तो उन्होंने सलमान से मिलने के लिए हरी झंडी दी और लेख को सलमान की पीआर रेश्मा सेट्टी के पास भेजा। रेश्मा बाहर आई और फटकार दिया कि सलमान की मदद तुम क्या करोगे, वो खुद स्टार हैं।

हालांकि सलमान को पता चला तो उन्होंने इंदौरी के पुत्र को घर के अंदर बुलाया और चॉकलेट खिलाई। बेटा तो सलमान से मिल लिया लेकिन अपने पिता इंदौरी की तकलीफ नहीं बता पाया। जब इंदौरी और उनके पुत्र ने रवानगी ली तो रेश्मा ने धमकी दी कि आगे से ऐसे किसी भी मामले में कुछ लिखा तो केस कर देंगी। तब इंदौरी निराश हुए और उन्होंने अपनी वकील अंजुम पारिख के माध्यम से सलमान और शाहरुख को माफी मांगने की हिदायत देते हुए नोटिस भेज दिया।

बेटी ने रखा था रोजा तब मिले थे शाहरूख

17 फरवरी 2009 को शाहरुख खान के कंधे का ऑपरेशन हुआ था, जिसके चलते वे ठीक तरह से फिल्म का प्रमोशन भी नहीं कर पाए थे। तब इंदौरी की बेटी आयशा ने शाहरुख के जल्द ठीक होने के लिए मन्नात मांगी थी और रोजा रखा था। तब शाहरुख ने खुद आयशा से मुलाकात की थी। उसके बाद तो इंदौरी का पूरा परिवार शाहरुख के बड़े फैंस की गिनती में आ गए थे।

अब बने मोदी के फैन

शाहरुख, सलमान से निराश इंदौरी 22 फरवरी 2013 को गुजरात गए। वे मदद लेने तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के गांधी नगर स्थित मकान पहुंचे। मोदी नहीं मिले तो वे कार्ड और नम्बर छोड़कर लौट आए। दूसरे ही दिन श्री मोदी के पीए ने मोदी से बात कराई। मोदी ने हालचाल पूछते हुए कहा आप घर आए थे और मुझे सूचना मिली कि आप कुछ मदद चाहते हैं। खुद मोदी का फोन आने से इंदौरी की आंखें भर आईं और उन्होंने परेशानी बताने की बजाय यही कहा कि मेरी दिल कहता है कि आप प्रधानमंत्री जरूर बनेंगे। तब से वे मोदी के प्रशंसक हैं।

शाहरुख और सलमान के चक्कर में इंदौरी ने अपना स्टील का कारोबार ठप कर लिया। फ्रैक्चर हुआ सो अलग। इलाज में बड़ा खर्चा हुआ, लेकिन शाहरुख और सलमान मदद के लिए आगे नहीं आए। सलमान के एक कमेंट ने इंदौरी को बर्बादी का रास्ता दिखा दिया। इसलिए उन्हें नोटिस भेजा है ताकि वे माफी मांगें और आगे से ऐसा कोई कमेंट न करें, जिससे उनके फैंस अपनी जान को मुसीबत में डाल दें। -अंजुम पारिख शाह, हुसैन इंदौरी के वकील

News Source :  jagran.com

Short URL: http://jayhind.co.in/?p=4844

Posted by on Jun 14 2014. Filed under खबर. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

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