Donation (non-profit website maintenance)

Live Indian Tv Channels

लखनऊ की ‘निर्भया’ की कहानी जानकर आप रो पड़ेंगे

mohanlalganj gang rape

 

लखनऊ के मोहनलालगंज में तीन दिन पहले गैंग रेप और दरिंदगी की शिकार मृतक महिला की पहचान हो गई है। उनके पति की मौत पहले हो चुकी थी और वह अकेले अपने दो बच्चों को लखनऊ के ही एक हॉस्पिटल में नौकरी करके पाल रही थीं। परिवार के लोगों ने लाश देखकर पहचान की है। मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है, लेकिन वारदात के तीन दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ है और किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस के मुताबिक वारदात में 5 से 6 लोग शामिल थे।

मोहनलालगंज के गांव बलसिंह खेड़ा के प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार की सुबह एक महिला की नग्न लाश मिली थी। लाश के आस-पास जमीन पर बिखरा खून हैवानियत की सारी हदों को तोड़ने की गवाही दे रहा था। साफ लग रहा था कि महिला ने मरने से पहले एक से ज्यादा लोगों के साथ मुकाबला जरूर किया होगा, लेकिन वह अकेले दरिंदों से कब तक मुकाबला करती। दरिंदों ने जिस बेरहमी से महिला के साथ गैंग रेप के बाद कत्ल किया, पुलिस की संवेदनहीनता उससे कम बेरहम नहीं रही। अपने कातिलों से जूझने वाली बहादुर महिला के पार्थिव शरीर पर दो गज कपड़ा डालने की जगह कई जिम्मेदार लोग मोबाइल से उसकी तस्वीर खींचने में जुटे थे।

इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहीं महिला सेल प्रभारी एडीजीपी सुतपा सान्याल से जब यह सवाल पूछा गया कि मौके पर निर्वस्त्र पड़े पीड़ित महिला के शव को घंटों ढकने का प्रयास क्यों नहीं हुआ, तो उन्होंने माना कि इस मामले में पुलिस से गलती हुई है। उन्होंने बताया कि मोहनलालगंज के इंस्पेक्टर कमरुद्दीन खान और एसआई मुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया गया है। सुतापा ने इस पर नाराजगी जताई कि वॉट्सऐप पर नंगी तस्वीर प्रसारित की गई।


सुतपा सान्याल ने बताया, एएसपी ग्रामीण, एएसपी क्राइम के नेतृत्व में चार टीमें जांच कर रही हैं। पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं, इसलिए हम विश्वास से कह रहे हैं कि शीघ्र राजफाश होगा। पुलिस बहुत सी चीजें इसलिए गोपनीय रख रही है कि अपराधी उन सूचनाओं का लाभ नहीं उठा सकें।’ उन्होंने बताया कि क्राइम सीन देखने के बाद लग रहा है कि घटना में एक से ज्यादा लोग शामिल हैं। मृतका के शरीर पर 12 जगह घाव मिले हैं। उसे बहुत ही बेरहमी से मारा गया है। कमर के निचले हिस्से में आगे और पीछे गंभीर चोट की बात भी उन्होंने मानी।

गुमशुदगी की सूचनाओं से मिला सुराग
बिल क्लिंटन के जाने के बाद सक्रिय हुई राजधानी पुलिस ने महिला की शिनाख्त के लिए सभी थानों से गुमशुदगियों का ब्योरा मंगाया। मोहनलालगंज के करीब के एक थाने से पता चला कि महिला के हुलिए की एक गुमशुदगी वहां दर्ज है, जो किराए के मकान में रहती हैं। महिला के परिवार में 13 साल की बेटी और छह साल का बेटा मिला। पति की मौत के बाद उनकी जगह पर ही वह नौकरी कर रही थीं। बच्चों और महिला के मकान मालिक से जानकारी लेने के बाद पुलिस ने देवरिया में रहने वाले महिला के पिता से संपर्क किया। शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे महिला के पिता और परिवार के अन्य लोग शिनाख्त कर डेड बॉडी साथ ले गए। देर रात महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया।


परिचित पर शामिल होने का शक
महिला के फोन पर बुधवार रात नौ बजे कॉल आई थी। वह अपनी बेटी से अस्पताल जाने की बात कह घर से निकलीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। कुछ दूरी पर उनका फोन स्विच ऑफ हो गया। कुछ देर बाद फोन ऑन हुआ। इस दौरान तीन कॉल्स उस पर आईं। एक कॉलर की लोकेशन मोहनलालगंज में महिला के फोन के साथ ही मिली। महिला की शिनाख्त होने के बाद पुलिस को आखिरी नंबर से आए फोन के जरिए ही संदिग्धों का सुराग मिला है। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल होने के शक में एक कार भी जब्त की है। पुलिस ने बाराबंकी, उन्नाव समेत छह जिलों में दबिश दी है।

पति को दी थी एक किडनी 
बलसिंह खेड़ा प्राथमिक विद्यालय में दरिंदगी की शिकार महिला के पिता ने जब लहूलुहान बेटी की जिजीविषा के बारे में चर्चा शुरू की तो हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया। छह साल पहले पति की मौत के बाद से वह अकेले ही बच्चों को संभाल रही थीं। ससुरालवालों ने भी मुंह मोड़ लिया था। वह अक्सर अपनी बेटी से सबकुछ छोड़कर मायके आने की बात कहते थे, तो बेटी उनसे सिर्फ जमाने से लड़ने का हौसला और आशीर्वाद मांगती थी। कहती थी, ‘कुछ सपने हैं, जिन्हें पूरा करना है।’

महिला के पिता ने बताया, ‘मैं देवरिया में टीचर हूं। पीड़ित मेरे तीन बच्चों में सबसे बड़ी थी। उसकी शादी 15 साल पहले देवरिया में ही हुई थी। दामाद लखनऊ के एक हॉस्पिटल में कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी करते थे। दामाद की किडनी खराब थी और बेटी ने अपनी एक किडनी पति को दे दी थी। छह साल पहले दामाद की मौत हो गई। उनकी जगह बेटी को अस्पताल में नौकरी दे दी गई। वह अपनी 13 साल की बेटी और छह साल के बेटे के साथ किराए के मकान में रहती थी।’ उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर बेटी के घर न आने की जानकारी पाकर वह राजधानी पहुंचे और देर रात बेटी के साथ हैवानियत का पता चला तो सदमा सा लग गया।

News Source : http://navbharattimes.indiatimes.com/

Posted by on Jul 19 2014. Filed under खबर, सच. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

Leave a Reply

*

Recent Posts