Donation (non-profit website maintenance)

Live Indian Tv Channels

चाय-समोसे बेचकर कमाए लाखों, कसक पूरी करने के लिए कर दिए दूसरों के नाम

tea stall owner give one lakhs donation to school

tea stall owner give one lakhs donation to school

जगदलपुर. टीन के शेड के नीचे छोटी सी चाय की दुकान…और कुछ चाय-समोसे बेचते हैं। आड़ावाल के अरविंद साहा चलाते हैं ये दुकान। लेकिन इस छोटी सी दुकान से छोटी छोटी बचत करके उन्होंने एक बड़ी रकम डेढ़ लाख रुपए इकट्ठा किए और गरीब बच्चों के लिए सरकारी स्कूल को दान कर दिया।

सिर्फ इसलिए क्योंकि गरीबी के कारण वो खुद आठवीं के बाद नहीं पढ़ पाए थे। सालों की बचत को जब अरविंद ने प्रिंसिपल के हाथों में सौंपा, तो उन्हें यकीन नहीं हुआ कि अपनी पूरी जमापूंजी एक व्यक्ति गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए दे रहा है। आड़ावाल जगदलपुर से पांच किलोमीटर दूर है। यहीं एक गांव है ओरना कैंप।

सड़क के किनारे साहा की दुकान है। उसके कुछ कदम की दूरी पर आदिम जाति कल्याण विभाग का स्कूल है। अरविंद यहां सालों से चाय-नाश्ते की दुकान चला रहे हैं। अरविंद ने बताया कि रोज उनके सामने से कई ऐसे बच्चे निकलते थे, जिनके पास पढऩे के लिए न पूरी किताबें थी, न अच्छी ड्रेस। देखकर बुरा लगता था। मदद भी करना चाहते थे, पर संकोच होता था। घबराते थे कि अगर वह किसी बच्चे को मदद की पेशकश करेंगे, तो लोग क्या कहेंगे। एक दिन स्कूल ड्रेस वितरण का कार्यक्रम देखा। पूछताछ की, तो पता चला कि किसी ने बच्चों को पांच हजार रुपए के ड्रेस दान में दिए हैं। अरविंद ने भी स्कूल के शिक्षक से कहा कि वह भी बच्चों के लिए कुछ मदद करना चाहता है।

Tea Stall Owner Give One Lakhs Donation To School 1

शिक्षकों को लगा कि चाय दुकान चलाने वाला बमुश्किल 5-10 हजार रुपए की मदद देगा। अगले दिन जब शिक्षक दुकान पहुंचे तो अरविंद ने उनके हाथ में 50 हजार रुपए के नोटों की गड्डी रख दी। एक कार्यक्रम में यह दान स्वीकार करने की बात तय हुई। दिन चुना गया 26 जनवरी का। दो दिन पहले अरविंद को स्कूल के झंडावंदन कार्यक्रम के दौरान बुलाया गया, तो वह और एक लाख रुपए लेकर पहुंच गए। पूरा पैसा बच्चों के लिए प्राचार्य एएन राव को सौंप दिया। अरविंद को जानने वाले लोगों के लिए यह फैसला हैरान करने वाला नहीं था। जगदलपुर जनपद उपाध्यक्ष सुब्रतो विश्वास ने बताया कि दुकान के सामने से गुजरने वाले कई स्कूली बच्चों को वह अक्सर मुफ्त में नाश्ता देते हैं। साहा ने बताया कि इस पैसे को जुटाने में उनको कई साल लगे। पर बच्चों के लिए कुछ करके उनको मिला संतोष, इस पैसे से कई गुना ज्यादा अहम है।

 

अपनी अधूरी इच्छा इनमें देखता हूं

अरविंद कहते हैं अपनी अधूरी इच्छाओं को इन बच्चों में देखता हूं, इसलिए लगता है कि इनकी इच्छाएं अधूरी न रह जाए। वे कहते हैं, क्रजब मैं छोटा था, तब हालात ऐसे बने कि पढ़ाई छोडऩी पड़ी। तो एक कसक रह गई। इन बच्चों की मदद से सुकून मिल रहा है।

एफडी के ब्याज से छात्रों को की जाएगी मदद

अरविंद साहा से मिले डेढ़ लाख रुपए स्कूल प्रबंधन ने बैंक में फिक्स डिपाजिट करवा दिए हैं। शाला के शिक्षक टीएसएस प्रकाश इस रकम पर मिलने वाले सालाना ब्याज से ऐसे जरूरतमंद छात्रों की मदद की जाएगी, जिनको किन्हीं वजहों से दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। इसी राशि से बच्चों के लिए गणवेश, कापी-किताबें और दूसरी जरूरतों का सामान लिया जाएगा। इससे पहले स्कूल के पूर्व प्राचार्य डीके जैन ने भी गरीब बच्चों के लिए स्कूल को 50 हजार रुपए दान में दिए थे।

Source : bhaskar.com
हमें फेसबुक  पर ज्वॉइन करें. 

भारत -एक हिन्दू राष्ट्र

अंकिता सिंह

Web Title : Tea Stall Owner Give One Lakhs Donation To School

Keyword : lakhs donation,tea,donation to,to school,lakhs donation to,school ,give,owner,school,to,lakhs,one,stall,donation

Posted by on Jan 29 2014. Filed under खबर. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

1 Comment for “चाय-समोसे बेचकर कमाए लाखों, कसक पूरी करने के लिए कर दिए दूसरों के नाम”

  1. vivek singh

    Thank u Arvind Ji aap jaisi hi udarta aur soch is desh me glucose aur oxygen ka kam kar rahi hai

Leave a Reply

*

Recent Posts