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सुभाष पार्क में अकबराबादी मस्जिद का सच

हिंदू मंदिर होने संबंधी ऐतिहासिक कागजात दिल्ली उच्च न्यायालय में प्रस्तुत, स्वामी बाबा ओम जी ने सुभाष पार्क में अकबराबादी मस्जिद नही होने संबंधी तथा वहां पर हिंदू मंदिर होने संबंधी ऐतिहासिक कागजात दिल्ली उच्च
न्यायालय में प्रस्तुत की

नई दिल्ली। दिनांक 27/07/2012 को दिल्ली की उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के पूर्ण पीठ के समक्ष व उनकी पूर्वानुमति से अखिल भारत हिन्दू

महासभा के उपाध्यक्ष (दिल्ली प्रदेश) स्वामी एस0 साईं बाबा ओम जी व उनके अन्य दो सहयोगियों द्वारा संयुक्त रूपेण से दायर जनहित याचिका संख्या 4432/2012
तथा न्यायालय की अवमानना याचिका संख्‍या 460/2012 के अधीन लिखित बहस व अनुरोध प्रस्तुत करते हुये पूर्व नियोजित षडयंत्र पूर्वक तथाकथित अकबराबादी मस्जिद के

भविष्य में होने वाले अवैध निर्माण संबंधी आशंका को ध्यान में रखकर आज से 4 महीने पूर्व ही जामा मस्जिद के शाही ईमाम आदि अभियुक्तों के विरूद्ध

दिल्ली
उच्च न्यायालय के उपरोक्त पीठ में दायर याचिका WP(C) No. 3507/2012 and CM

No. 7395/2012 के माध्यम से तथा अन्य ऐतिहासिक कागजों के माध्यम से ओम जी ने

उपरोक्त न्यायालय में यह प्रमाणित कर दिया है कि शाही ईमाम अहमद बुखारी तथा विधायक शोएब ईकबाल आदि लोग भू माफिया हैं एवं उपरोक्त सुभाष पार्क में कभी भी
अकबराबादी नामक मस्जिद बना ही नही था लेकिन उस जमीन के नीचे हिंदू मंदिर अवश्य
बना है। एवं उस तथाकथित मस्जिद के नाम पर भारत विरोधी ईस्लामिक देशों के लोगों
से अरबों रूपये दान के रूप में हासिल करने हेतु व तथाकथित अकबराबादी मस्जिद के
अवैध निर्माण के बहाने से भविष्य में सुभाष पार्क में खरबों रूपये के मुनाफा

देने वाला शापिंग कॉम्प्लेक्स के बनाने के इरादे से ही किराये के एक सौ
बदमाशों के माध्यम से षडयंत्र पूर्वक सांप्रदायिक हिंसा फैलाने का उपरोक्त लोग

गैरकानूनी प्रयास कर रहे हैं।

ज्ञात रहे कि आज से चार महीने पूर्व भी उपरोक्त भू माफिया अहमद बुखारी (जामा
मस्जिद के तथाकथित शाही ईमाम) आदि देश व हिन्दू विरोधी लोगों ने उसी नेता जी
पार्क के परिसर में उपरोक्त बहाने से ही अवैध मस्जिद का निर्माण कार्य गैर

कानूनी तरीके से शुरू कर दिया था। अतः उस अवैध निर्माण को तोड़ने व गिराने हेतु चार महीने पूर्व ही उपरोक्त याचिकाएं दायर की गई थी जिसमें दिनांक 31 मई,
2012को तथा 12/07/2012 को जामा मस्जिद के शाही ईमाम सहित सभी संबद्ध विभागों के

अधिकारियों व प्रतिवादियों के विरूद्ध आदेश पारित करते हुये उपरोक्त पीठ ने उस अवैध निर्माण को गिराने एवं भविष्य में तथाकथित अकबराबादी मस्जिद के
संभावित अवैध निर्माण पर उपरोक्त दिल्ली उच्च न्यायालय की पीठ ने प्रतिबंध लगा

दिया था उसके बावजूद भी उपरोक्त आदेश का उल्लंघन करते हुये भू माफियागण
सर्वश्री विधायक शोएब ईकबाल व जामा मस्जिद के शाही ईमाम अहमद बुखारी ने उनके
अन्य अपराधियों के सहयोग से नेता जी सुभाष पार्क में अवैध रूपेण ढांचा का

निर्माण कर लिया। इन्हीं उपरोक्त आधारों पर ओम जी ने अवैध ढांचे को गिराने का अनुरोध दिल्ली उच्च न्यायालय से किया हुआ है।

ज्ञात रहे कि उपरोक्त तरीकों से ही जामा मस्जिद के आरोपित शाही ईमाम अहमद
बुखारी ने अपने अन्य अपराधियों के सहयोग से लोधी कॉलोनी में खरबों रूपये के
सरकारी जमीन के उपर छोटा सा अवैध मस्जिद निर्मित करते हुये पहले से ही जमीन के

चारों तरफ निर्मित सरकारी दिवारों को गिराकर वहां पर मौजूद थाना प्रभारी आदि सभी संबद्ध सरकारी अधिकारियों को मार-पीट कर एवं उनके वाहनों में आग लगाकर वह
सरकारी जमीन भी अहमद बुखारी ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है जिसके विरूद्ध

स्वामी ओम जी द्वारा दायर याचिका के आधार पर जामा मस्जिद के तथाकथित शाही ईमाम के विरूद्ध (संबद्ध न्यायालय द्वारा) दिनांक 28/06/2012 से आज तक बारंबार
गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा रहा है तथा संबद्ध न्यायालय ने उपरोक्त शाही

ईमाम अहमद बुखारी को भगोड़ा अपराधी भी घोषित किया हुआ है।

लेकिन इसके बावजूद भी निकम्मी दिल्ली पुलिस उपरोक्त भू माफिया व भगोड़ा घोषित
अपराधी शाही ईमाम अहमद बुखारी को गिरफ्तार नही कर रही है। दिल्ली पुलिस की
निकम्मेपन के कारण ही उत्साहित होकर तथा उपरोक्त गिरफ्तारी से बचने के लिये ही

शाही ईमाम अहमद बुखारी ने अपने मोहरे विधायक शोएब ईकबाल के द्वारा सुभाष पार्क में अवैध ढांचा का निर्माण कराया ताकि सरकार व दिल्ली पुलिस को सांप्रदायिक
दंगों का डर दिखाकर अहमद बुखारी स्वयं को गिरफ्तारी से बचा सके।

अतः कानून को मानने वाले सभी हिन्दू देश प्रमियों से ओम जी ने करबद्ध प्रार्थना की है कि जामा मस्जिद के शाही ईमाम, भगोड़ा घोषित अपराधी अहमद बुखारी
को गिरफ्तार कराने संबंधी भविष्य में किये जाने वाले आगामी उग्र प्रदर्शन तथा
हस्ताक्षर अभियान में शामिल होते हुये हर तरह का योगदान दें ताकि उपरोक्त
बुखारी को कानून से उपर नही माना जा सके और दिल्ली में कानून व्यवस्था लागू

कराया जा सके, ताकि भारत को इस्लामिक देश बनाने से रोका जा सके क्योंकि जब हिन्दू धर्म के विश्व विख्यात जगत गुरू शंकराचार्य को पुलिस द्वारा गिरफ्तार
किया जा सकता है तो एक साधारण ईमाम अहमद बुखारी को क्यों गिरफ्तार नही किया जा

सकता ।

ज्ञात रहे कि स्वामी एस0 साईं बाबा ओम जी द्वारा दायर उपरोक्त जनहित याचिका
में लिखित व उसमें पुनः प्रस्तुत किये गये सभी बातों के प्रति दिल्ली उच्च

न्यायालय के उपरोक्त पूर्ण पीठ ने मौखिक रूप में अपनी सहमति व्यक्त करते हुये
फैसला सुरक्षित कर लिया है। अतः ओम जी ने सभी हिन्दू राष्ट्र भक्तों से पुनः
अपील किया है कि सुभाष पार्क में अवैध रूपेण निर्मित वर्तमान ढांचे को गिराकर
वहां पर हिन्दू मंदिर के निर्माणार्थ भविष्य में किये जाने वाले हस्ताक्षर

अभियान व उग्र प्रदर्शन में शामिल होते हुये हर तरह से आप लोग अपना योगदान दें
ताकि दिल्ली उच्च न्यायालय के उपरोक्त पूर्ण पीठ भी ओम जी द्वारा दाखिल
उपरोक्त जनहित याचिका एवं न्यायालय की अवमानना संबंधी याचिका में लिखित सभी
प्रार्थनाओं को स्वीकार करते हुये सुभाष पार्क में अवैध रूप में निर्मित वर्तमान ढांचे को गिराकर हिन्दू मंदिर बनाने का फैसला सुना सके।

स्वामी बाबा ओम जी ने सभी पुलिस अधिकारियों से भी अपील की है कि
जनवरी 2012 में लोधी कॉलोनी स्थित कर्बला में 14 पुलिस अधिकारियों को मरणासन्न
अवस्था में पहुंचाने वाले अपराधियों के विरूद्ध दर्ज तथा दिनांक 21/07/2012 की

रात में नेता जी सुभाष पार्क के पास व जामा मस्जिद परिक्षेत्र में 15 पुलिस कर्मचारियों को जान से मारने का असफल प्रयास करने वाले अपराधियों के विरूद्ध

दर्ज मुकदमों को वापस लेने संबंधी सरकारी आदेश के विरूद्ध स्वामी बाबा ओम जी द्वारा भविष्य में किये जाने वाले हस्ताक्षर अभियान व उग्र प्रदर्शन में सभी पुलिस कर्मचारीगण हर तरह से सहयोग देते हुये शामिल हों ताकि
हमारा पुलिस बल हतोत्साहित न हो सके बल्कि उत्साहित होकर उपरोक्त लोगों जैसे

अन्य अपराधियों का भी दमन कर सके तथा उनको पुरस्कारस्वरूप समय से पूर्व ही पदोन्नति दिलाया जा सके।

उपरोक्त सभी आंदोलनों, प्रदर्शनों, कानूनी कार्रवाइयों के भयवश उपरोक्त भगोड़ा
घोषित शाही ईमाम अहमद बुखारी द्वारा तथा उनके सहयोगी सोएब ईकबाल द्वारा व उनके
द्वारा किराये पर लाये गये हत्यारों द्वारा स्वामी बाबा ओम जी की
संभावित हत्या को रोकने के लिये पुलिस सुरक्षाकर्मियों की मांग उपरोक्त
याचिकाओं के माध्यम से अखिल भारत हिन्दू महासभा ने दिल्ली उच्च न्यायालय के
उपरोक्त पूर्णपीठ से तथा अन्य सभी संबद्ध अधिकारियों से की है एवं उपरोक्त
याचिकाओं के माध्यम से सभी संबद्ध अधिकारियों से सुभाष पार्क में अवैध ढांचा

बनाने वाले अपराधियों को फौरन गिरफ्तार करने की मांग भी ओम जी ने की है ताकि संभावित सांप्रदायिक दंगों को रोका जा सके।

जय हिन्दू राष्ट्र !

 

by दहाडो हिन्दुओ in facebook

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Posted by on Jul 29 2012. Filed under खबर, मेरी बात, सच, हिन्दुत्व. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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