Donation (non-profit website maintenance)

Live Indian Tv Channels

IAS दुर्गा के निलंबन के बाद गर्माई सियासत

Durga Shakti nagpal

Durga Shakti nagpal

उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार द्वारा महिला आईएएस अधिकारी को निलंबित करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कई दलों के अलावा बेहद ताकतवर मानी जाने वाली आईएएस लॉबी ने भी निलंबन को वापस लेने की मांग की है।

निलंबन पर नाराजगी जताते हुए आईएएस एसोसिएशन ने सोमवार को राज्य के मुख्य सचिव से मिलकर इसे वापस लेने की मांग की।

 

आईएएस एसोसिएशन के सदस्यों ने निलंबित अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के साथ सोमवार दोपहर प्रदेश के कार्यवाहक मुख्य सचिव आलोक रंजन से मुलाकात की और उनका निलंबन वापस लेने की मांग की।

 

आलोक रंजन ने संवाददाताओं से कहा, ”आईएएस एसोसिएशन के सदस्य मुझसे मिले और नागपाल का निलंबन वापस लेने तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। मैंने उन्हें उनकी मांगें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समक्ष रखने का आश्वासन दिया है। फिलहाल मुख्यमंत्री राज्य से बाहर हैं। उनके आने के बाद ही यह संभव हो सकेगा।”

 

गौरतलब है कि नोएडा में खनन माफियाओं के खिलाफ मुहिम चलाने वाली एसडीएम सदर (नोएडा) दुर्गा शक्ति नागपाल को राज्य सरकार ने शनिवार को निलंबित कर दिया था। सरकार ने तर्क दिया था कि नोएडा के कादलपुर में एक निर्माणाधीन धार्मिक ढांचे की दीवार कानूनी प्रक्रिया के पालन के बगैर गिराई गई, जिसके कारण साम्प्रदायिक सौहार्द प्रभावित हुआ और इसलिए निलंबन की कार्रवाई की गई।

 

वहीं, विपक्षी दलों का आरोप है कि खनन माफिया के दबाव में सरकार ने ईमानदारी से काम कर रही आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के खिलाफ कार्रवाई की।

 

उत्तर प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने सोमवार को आरोप लगाया कि राज्य में रेत माफिया का राज है। सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सरकार रेतमाफिया चला रहे हैं। उत्तर प्रदेश में पिछली सरकार के समय से ही रेत माफिया हैं। यह मध्य प्रदेश में भी काम कर रहे हैं। वह उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्धनगर जिले में उप जिलाधिकारी के रुप में कार्यरत नागपाल को निलंबित किये जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्‍त कर रहे थे।

 

भारतीय जनता पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी ने भी नागपाल के निलंबन की आलोचना की है । उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि नागपाल को एक धार्मिक स्थल को गिराने के उनके आदेश के कारण निलंबित किया गया, लेकिन विपक्षी दलों तथा मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रेत माफिया के खिलाफ अभियान छेड़ने के कारण उनके खिलाफ यह कदम उठाया गया।

Source : livehindustan.com

Short URL: http://jayhind.co.in/?p=2539

Posted by on Jul 29 2013. Filed under खबर, सच. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

Leave a Reply

*

Recent Posts

Photo Gallery