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महिला दिवस: जुनून और जज्बे की दास्तां

 Women’s Day: Tales of passion and spirit

women's day

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सक्सेस टू मिनट नूडल नहीं है। इसे हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। वीमंस डे पर कुछ ऎसी ही महिलाओं की जिंदगी के बारे में जाना। इन महिलाओं ने कांटे भरी डगर पर चलने के बावजूद अपना जोश, जुनून और जज्बा कायम रखा। जिम्मेदारियों के बोझ को उठाए आज वे सफलता के शिखर पर हैं और आने वाली पीढ़ी को इंस्पायर कर रहीं हैं।

दृढ़निश्चय बनाता है सफल
टीवी सीरियल उड़ान को देखकर हमेशा एक ही सपना देखा करती थी कि मुझे भी आईपीएस ऑफिसर बनना है। इस सपने को पापा को पूरा सपोर्ट मिला और उन्होंने काफी इंस्पायर किया। 12वीं में थी जब किरण बेदी से मिलने का मौका मिला, उसके बाद मुझ में और आत्मविश्वास आ गया।

पूरी तैयार के साथ एग्जाम फाइट किया और आईपीएस के तौर पर जयपुर में पहली पोस्टिंग मिली। अब मेरी प्राथमिकता अपने काम को अच्छे करना है, ताकि जिस सपने के साथ इस फील्ड में आई हूं, वो पूरा कर सकूं । मैं जो एक बार सोच लेती हूं, वह जरूर पूरा करती हूं और यही मेरी रिअल पावर है। दृढ़निश्चय हो, तो कुछ भी मुश्किल नहीं है।
श्वेता धनखड़,आईपीएस

सक्सेस मैंटेन करना जरूरी
हार्ड वर्क और सेल्फ कॉन्फिडेंस सक्सेस हासिल करने का एकमात्र रास्ता है। जब अंदर कुछ कर गुजरने का विश्वास होता है, तो अपने आप सब हो जाता है। चैलेंज लाइफ का पार्ट हैं, इसलिए इनसे घबराने की बजाय इन्हें पॉजिटव तरीके से लिया जाना चाहिए।

इस फील्ड में आने की चाह रखने वाली गर्ल्स को यही सलाह है कि वे पूरी तैयारी के साथ कदम रखें, क्योंकि कंपीटिशन बहुत टफ है। साथ ही पैसे को पहली प्राथमिकता न दें, कॅरियर के साथ पैसा भी अपने आप बढ़ने लगता है। मेरा रिअल पावर खुश रहना है।
जयश्री सोनी,टीवी एक्ट्रेस

हमें गर्व है हमारे काम पर
गर्ल्स और पेट्रोल पम्प पर? अक्सर हमें पेट्रोल भरते देख लोगों की यही प्रतिक्रिया होती है। लगभग चार साल पहले जब पेट्रोल भरने का काम शुरू किया, तो फैमिली और कस्टमर्स को विश्वास दिलाने में कुछ परेशानियां आई, लेकिन दिल में खुद को साबित करने का जूनून था। हमारा काम देखकर न सिर्फ कम्पनी हम से खुश है, बल्कि कस्टमर्स भी हम पर विश्वास करने लगे हैं।

हम 23 महिलाएं सुबह 6 से 2 की शिफ्ट में काम करती हैं और एक फैमिली की तरह रहती हैं। इस काम से न सिर्फ हम फाइनेंशियली स्ट्रॉन्ग हो गए है, बल्कि खुद का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। इस काम की वजह से हमें जिन्दगी में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, बस जरूरत है, तो ललक की।

जज्बा हो, तो सारे काम आसान है। आज हम सभी को गर्व होता है कि हम अपनी मेहनत के दम पैसा कमा रहे हैं। मुश्किलें सब जगह हैं, लेकिन उन्हें सुलझाने की ताकत भी हमारे अंदर ही है।
वीमन टीम,22 गोदाम पेट्रोल पम्प

पापा का था सपना
जब मैं तीन साल की थी, तब ही पापा का सपना था कि मुझे डॉक्टर ही बनाना है। स्टडी में अच्छी थी, इसलिए पापा के सपने को पूरा करने के लिए आगरा मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया। मुस्लिम फैमिली से होने के नाते उस समय मेरा इस फील्ड से जुड़ना लोगों के लिए आश्चर्य का विष्ाय था। डॉ. बनने के बाद मेरा एक ही मकसद रहा है कि आने वाला हर मरीज खुश होकर लौटे।

एक चीज जो मुझे जिन्दगी के चैलेंजेस से लड़ने हिम्मत देती है, वह है कॉन्फिडेंस। साथ ही कोई भी वर्क हो उसके लिए हार्ड वर्क का होना बहुत जरूरी है, तब जाकर ही सफलता मिलती है।
डॉ. एस फयाज सहाहब,गायनोकोलॉजिस्ट

सोशल वर्क देता है सुकून
सोशल वर्क के लिए कुछ बड़ा करना जरूरी नहीं है, छोटे स्तर पर किसी जरूरतमंद की मदद करना भी सोशल वर्क ही है। शादी से पहले पापा और बाद में ससुर का मेरी लाइफ में बहुत महत्वपूर्ण रोल रहा। दोनों की वजह से मुझे जिन्दगी को करीब से जानने का मौका मिला। मुझे लगता है कि लेडीज सभी तरह के वर्क कर सकती हैं, बशर्ते वे अपने अंदर की ताकत को पहचान सकें।

हाउसवाइव्ज को भी घर से बाहर निकलकर कुछ काम करना चाहिए, इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। किसी भी क्षेत्र में सही काम करने के लिए जरूरी है कि प्रॉपर रूटीन बनाकर काम किया जाए। समय की कमी नहीं है, बल्कि उसे सही तरह से उपयोग में लाने की जरूरत है।
सुधा कुच्छल,प्रेसीडेंट,लेडीज क्लब

टर्निग पॉइंट से भरी जिंदगी
शादी से पहले नहीं मालूम था कि क्या करना है, बस इतना विश्वास था कि कुछ कर दिखाना है। मैंने कॅरियर की शुरूआत एक बच्चे को ट्यूशन पढ़ाने से की। मेरी जिंदगी में कई टर्निग पाइंट आए हैं। 1996 में जब पहला स्कूल खोला, तो कुछ ही दिनों में सभी सीटें भर गई। इसके बाद मुझे अहसास हुआ कि मुझे शिक्षा के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल करना है। लाइफ में जितने भी चैलेंज आएं हैं, उनसे मुझे कुछ न कुछ सीखने को मिला है।

मेरे खयाल से जिंदगी में सफलता हासिल करने के लिए काम के प्रति पागलपन, जोश और जुनून होना चाहिए। पुरूषों को दोष देने की बजाय उनके साथ चलना सीखना होगा। बदलाव एक रात में नहीं बल्कि धीरे-धीरे आता है। दुनिया में ऎसा कोई प्रोफेशन नहीं है, जो महिलाओं के लिए न हो। पेरिवाल की जिंदगी का सबसे गौरान्वित करने वाला पल वह था, जब मुझे अमरीका में इमोरी यूनिवर्सिटी, एटलांटा में स्पीकर के तौर पर बुलाया गया।
जयश्री पेरिवाल,एजुकेशनिस्ट

नेहा ए. चौहान,अविनाश बाकोलिया

 

Englsih Translate by google Translate

 

 Women’s Day: Tales of passion and spirit

Success is not a two-minute noodles. Must strive to achieve it. Similar Women’s Day on women’s lives go on. These women walking on pathways filled forks Despite their enthusiasm, passion and resilience maintained. Today they are carrying the burden of responsibilities at the pinnacle of success and Inspire the next generation are doing.

Makes determination to succeed

TV serial was a flight seeing always the same dream that I have become IPS officer. Support parents fulfill this dream, and he was quite Inspire. Kiran Bedi 12th when the opportunity to meet, then came and confidence in me.
Fight exam with full preparation and posting of IPS was the first in Jaipur. Now my priority is to do your work well, so that the dreams have come together in this field, they can complete. I think I’ll buy a bar, she meets me and that is my real power. Determination, then there is nothing difficult.
Shweta Dnkd, IPS

Success must Manten

Hard work is the only way to achieve success and self-confidence. When you do something worthwhile in the faith, then you are. Part of Life Challenge, so instead they Pojitv way they should be afraid.
Girls who want to come in this field, it is recommended that they keep in step with all the preparations, the Competition is very tough. Give first priority to the money, career starts with the money itself. My real power is to be happy.
Jayshree Soni, TV Actress

We are proud of our work

Girls and petrol pump? Often it is the reaction of people watching us fill petrol. Almost four years ago, when gasoline began to fill, the family and reassure customers encountered some difficulties, but had a passion to prove himself in the heart. We are happy to see our work not only the company, but customers are relying on us.
We have 23 women work in shifts of 2 to 6 in the morning and live as a family. Not only do we have strong Fainenshiyli this work, but also increased self-confidence. Because of this work inspires us to move forward in life. There is no job too small or big, just need the desire to.
Spirit, then all the work is easy. Today we all are proud that we are making money in your own work. There are problems everywhere, but it is within our power to solve them.
Women’s team, 22 warehouse petrol pump

Father was a dream

When I was three, then the father’s dream was to make me a doctor. Study well, so the dream of father enrolled in Agra Medical College. Being Muslim family involved in this field for the time I was surprised Vishay. My only aim is Dr after becoming the arriving triumphantly returned every patient.
One thing that gives me the courage to fight the challenges of life, he has confidence. None of the work is very important to work hard for him, then went to get success.
Dr. S. Fayaz Shahb, Gaynokolojist

Social work is relaxed

Social work is not necessary to do something big, too small to help a needy person’s Social Work. My father’s father before marriage and after having a important role in my life. Both because I got a chance to learn about life. I think all the ladies can work, provided they can recognize their inner strength.
Housewives should also do some work out of the house, it grows them. Lack of time, but it needs to be utilized properly.
Sudha Kuchcl, President, Ladies Club

Trnig spawn points

Did not know what to do before the wedding, it was believed that just has to do something. I teach tuition of a child’s early career. Trnig have many points in my life. When the first school opened in 1996, just a few days all the seats were filled. Then I realized that I have to get a new nadir in education. Life has come all the Challenge, something I have learned from them.
I think to achieve success in life work towards madness, passion and passion should be. Instead of blaming men will learn to walk with them. Changes in one night, but gradually comes. It’s not a profession in the world, which is not for women. The moment he was most proud of Periwal life, when I’m in America, Emory University, Atlanta was named as the speaker.

Jayshree Periwal, Ajukeshnist
Neha e. Chauhan, Avinash Bakolia

Source : http://www.patrika.com/news.aspx?id=1006272

Short URL: http://jayhind.co.in/?p=1631

Posted by on Mar 8 2013. Filed under आधी आबादी. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.

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